भारतीय संस्कृति और सभ्यता की नींव है संस्कृत भाषा : मलोटिया
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन (हमीरपुर)। संस्कृत सप्ताह के तहत तरकेड़ी गांव में रविवार को जागरूकता रैली निकाली गई। इस दौरान संस्कृत अध्यापक नरेश मलोटिया ने बताया कि 1969 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के आदेश से केंद्रीय और राज्य स्तर पर संस्कृत दिवस मनाने का निर्देश जारी किया गया था। इस दिन को इसलिए चुना गया था कि इसी दिन प्राचीन भारत में शिक्षण सत्र शुरू होता था। इसी दिन वेद पाठ का आरंभ होता था तथा इसी दिन छात्र शास्त्रों का अध्ययन प्रारंभ किया करते थे। इस बार 16 अगस्त से 22 अगस्त तक संस्कृत सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में हिमाचल प्रदेश राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद के जिलाध्यक्ष और तरकेड़ी गांव के निवासी संस्कृत अध्यापक आचार्य नरेश मलोटिया और राउपा बूणी के संस्कृत अध्यापक नरेश कुमार की अगुवाई में गांव के बच्चों और युवाओं ने संस्कृत भाषा के महत्व को प्रतिपादित करने के लिए गांव में रैली निकाली।
रैली में गांव के अन्य संस्कृत अध्यापकों पंकज कुमार, केवल कृष्ण, सोमराज शर्मा, प्रकाश चंद शर्मा, पवन कुमार व सुरेश कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। रैली के दौरान युवाओं और बच्चों ने विविध नारा लेखन भी प्रस्तुत किया और नारों की पट्टिकाएं हाथ में लेकर आगे बढ़े। पूरे गांव में संस्कृत के प्रति उत्साह देखा गया तथा ग्रामवासियों ने भी साथ चलकर रैली को सफल बनाया। उन्होंने बताया कि संस्कृत भाषा हमारी संस्कृति और सभ्यता की नींव है। इस भाषा के संवर्धन व संपोषण से ही मानव जीवन को जीवंत बनाया जा सकता है। संस्कृत में व्याप्त शिक्षाएं ही मानव जीवन को सुखी और संपन्न बना सकती हैं। इस दौरान नितिन कुमार, विवेक मलोटिया, प्रिया, शगुन, मनीष मनु, अभय, सागर, नितिन मलोटिया, सुरजीत, सुशील, नरेश मलोटिया, नरेश कुमार, आर्यन, अंशुमन, अंश, काव्य, अभिनव, सक्षम, मोहित, अंशिका, कशिश, वंश, गौरव, निमरत, निष्ठा, अननिका, आद्विक, सार्थक मलोटिया, सानवी, परि, अनवी, प्राची, दिव्यांश, जेबी आदि बच्चे और युवा उपस्थित रहे।