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आत्मविश्वास और परिश्रम से मिलती है मंजिल : अत्री

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मनोह स्कूल में अपराजिता अभियान के दौरान मौजूद छात्र-छात्राएं और अध्यापक। - फोटो : Hamirpur-HP
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भोरंज (हमीरपुर)। वर्तमान समय में लड़कियां हिम्मत और हौसले से आगे बढ़कर विद्यार्थी जीवन से ही प्रेरणा स्रोत बन रही हैं। आज के युग में हमारे सामने कई ऐसी लड़कियां हैं जिन्होंने समाज में लोगों को किसी न किसी प्रकार से प्रेरित किया है। अब बेटियां बोझ नहीं बल्कि सहारा बन रही हैं। यह शब्द राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मनोह में शुक्रवार को आयोजित अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य राकेश अत्री ने कहे। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं के समय छात्राएं मन लगाकर पढ़ती हैं, यही कारण है कि छात्रों की अपेक्षा छात्राएं परिणाम में आगे रह रही हैं।
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उन्होंने आह्वान किया कि परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। आज से ही समयसारिणी बनाकर मेहनत करना शुरू कर दें। उन्होंने छात्राओं को तनाव में न रहने और पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। आत्मविश्वास और परिश्रम से मंजिल को पाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई हैं। इनमें बेटी है अनमोल, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, बालिका समृद्धि योजना आदि शामिल हैं। उन्होंने नशे से दूर रहने और औरों को भी नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि छात्राएं अपने आसपास हो रही घटनाओं के बारे में सजग रहें। अगर उन्हें ऐसा लगता है कि किसी व्यक्ति या वस्तु से उन्हें कोई खतरा है तुरंत इसकी सूचना अध्यापकों, अभिभावकों या पुलिस को दें। छेड़छाड़ के मामलों में चुप्पी घातक सिद्ध हो सकती है। छात्राएं ऐसी घटना का विरोध करें और अत्याचार सहने की बजाय पुलिस में इसकी सूचना दें।
क्या कहती हैं छात्राएं-
तनाव से बचने के लिए करें मनोरंजनात्मक गतिविधियां : निकिता
छात्रा निकिता शर्मा ने कहा कि पढ़ाई के लिए समयसारिणी जरूरी है। पढ़ाई के साथ-साथ कुछ देर खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेना चाहिए। इससे तनाव नहीं होता है।
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लड़कियों का बढ़ा है आत्मविश्वास : दिशा
छात्रा दिशा कुमारी ने कहा कि सरकार ने बेटियों के उत्थान के लिए बहुत योजनाएं चलाई हैं। यही कारण है कि लड़कियों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वह योजनाओं का लाभ लेकर माता-पिता व क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं।
अत्याचार को न सहें: आरती
आरती का कहना है कि अत्याचार को अगर सहेंगे तो यह और भी घातक सिद्ध होगा। यदि कोई व्यक्ति छेड़छाड़ करता है तो इसका विरोध कर इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए। अन्यथा आरोपी का हौसला और बढ़ेगा।
मेहनत और आत्मविश्वास जरूरी : पल्लवी
पल्लवी का कहना है कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मेहनत और आत्मविश्वास जरूरी है। अगर आप यह मान लें कि मैं इस लक्ष्य को हासिल कर सकती हूं और उसी दिशा में मेहनत करने लग जाएं तो एक दिन सफलता आपके कदम चूमेगी।
कार्यक्रम में मिली महत्वपूर्ण जानकारी : निकिता
छात्रा निकिता शर्मा ने कहा कि आज बेटियां बेटों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। बेटियां कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। कार्यक्रम में बेटियों के उत्थान बारे महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।
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