सुजानपुर (हमीरपुर)। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामले राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने सुजानपुर राष्ट्रीय होली मेले में सुजानपुर की हस्त शिल्प महिला कामगारों के स्टॉल में बने उत्पादों की गुणवत्ता की प्रशंसा की। उन्होंने इसे महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक बड़ी छलांग बताया है। अनुराग के मार्गदर्शन में प्रयास स्वयंसेवी संस्था ने हस्तशिल्प कारीगरों की स्थायी आजीविका को बढ़ाने और हस्तशिल्प की कला को जीवित रखने के लिए पिछले दिनों सुजानपुर में शून्य से शिखर कार्यक्रम की शुरुआत की है। जिसके अंतर्गत कढ़ाई और बांस के 30 से अधिक कामगारों की 52 दिवसीय ट्रेनिंग हुई है।
इस ट्रेनिंग के बाद राष्ट्रीय स्तर के सुजानपुर मेले में इन महिलाओं ने अपने उत्पादों का एक स्टाल लगाया है, जिसे देखने के लिए लोग आ रहे हैं। स्टॉल पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध है और यहां के लोगों में अद्भुत प्रतिभा देखने को मिलती है। हस्तशिल्प के नाम पर यहां पत्थर, धातु की मूर्तियां, गुड़िया, मिट्टी के बर्तनों, चित्रों, शॉल की देश विदेश में भारी मांग है लेकिन, हिमाचल प्रदेश के कारीगरों को नई तकनीक, मांग और बाजार लिंकेज की कमी जैसी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए हमीरपुर संसदीय क्षेत्र में प्रयास संस्था हिमाचल प्रदेश के हैंडीक्राफ्ट उद्योग के सामने आने वाली इन परेशानियों को दूर करने के लिए शून्य से शिखर कार्यक्रम की शुरुआत की है, जो महिलाओं को नई उड़ान दे रहा है। जिसके सकारात्मक परिणाम इस राष्ट्रीय होली मेले में देखने को मिले हैं।