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साल में एक बार सभी स्वास्थ्य कर्मियों के हेपेटाइटिस बी के टेस्ट होंगे : वर्मा

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एड्स पर आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए अधिकारी। स्रोत : स्वास्थ्य विभाग।
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भारत को एड्स मुक्त बनाने के लिए बनाई 95-95-95 की रणनीति
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिलास्तरीय एचआईटी एड्स कार्यशाला का आयोजन शनिवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा की अध्यक्षता में सीएमओ ऑफिस के काॅन्फ्रेंस हॉल में किया गया। इसमें जिले के सभी खंडों के स्वास्थ्य सुपरवाइजर, फार्मासिस्ट, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर उपस्थित रहे। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा की ओर से एचआईवी-एड्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि एचआईवी एक वायरस है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है। एड्स एक ऐसी बीमारी है जो एचआईवी से पीड़ित लोगों में विकसित हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि हेपेटाइटिस बी, एचआईवी की बीमारी से ज्यादा संक्रामक है। वर्ष में एक बार जिले में सभी स्वास्थ्य कर्मियों का हेपेटाइटिस बी का टेस्ट होना चाहिए और खंड स्तर पर हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे। इसके अलावा उन्होंने यौन संचारित संक्रमण के बारे में भी जानकारी दी। एचआईवी-एड्स (एक्ट) अधिनियम के बारे में भी बताया गया। इस अधिनियम का उद्देश्य एचआईवी के शिकार और इससे प्रभावित लोगों को सुरक्षा प्रदान करना है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन ने भारत को एड्स मुक्त बनाने के लिए 95-95-95 की रणनीति बनाई है।
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इसके मुताबिक पहले 95 का अर्थ देश में एचआईवी संक्रमित लोगों की अनुमानित संख्या के 95 फीसदी लोगों को उनके एचआईवी स्टेट्स की जानकारी होना, दूसरे 95 का अर्थ 95 फीसदी पॉजिटिव एआरटी केंद्रों पर सतत उपचार होना चाहिए और तीसरा वायरल लोड कम होना चाहिए।
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