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कोविड अस्पताल हमीरपुर में सभी बेड फुल, एक बिस्तर पर दो-दो मरीजकोविड अस्पताल हमीरपुर में सभी बेड फुल, एक बिस्तर पर दो-दो मरीज

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हमीरपुर। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में स्थापित कोविड केयर सेंटर कोरोना संक्रमित मरीजों से फुल हो गया है। मरीजों को अन्यत्र शिफ्ट नहीं किया गया है। एक ही बेड पर दो-दो मरीज भर्ती किए गए हैं। कई मरीजों में कम तो कई मरीजों में कोरोना के अधिक लक्षण हैं। जिसके चलते एक बेड पर ऑक्सीजन सहित दो मरीजों के लेटने से उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
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इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज चंबा की कोरोना जांच मशीन में तकनीकी खराबी आने से चंबा के मरीजों के सैंपल जांच के लिए हमीरपुर भेजे जा रहे हैं। बीते दिन भी चंबा से 500 सैंपल हमीरपुर में जांच के लिए भेजे गए। जिससे हमीरपुर में स्थापित लैब में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। रैपिड टेस्ट की रिपोर्ट तो कुछ देर बाद मिल रही है, लेकिन आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
असुविधा के मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार और प्रशासन को घेरना शुरू कर दिया है। उधर, मेडिकल कॉलेज के कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल वर्मा ने कहा कि आयुर्वेदिक अस्पताल में सभी बेड फुल हो गए हैं। अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था की जा रही है। एनआईटी में भी कोविड केयर सेंटर स्थापित किया जा रहा है। सलासी में भी अभी कई बेड खाली हैं। शुरू में थोड़ी कमियां रहती हैं, जिन्हें दूर किया जा रहा है।
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कोविड केंद्रों में व्यवस्था बेहाल-सरकार के दावे खोखले : दीपक
कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता दीपक शर्मा ने कहा कि कोविड केयर केंद्रों में व्यवस्था बेहाल है। उससे सरकारी दावों की पोल खुल रही है। यह न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि चिंताजनक भी है। एक-एक बिस्तर पर दो-दो कोरोना पीड़ितों को रखा गया है।
पीड़ितों को स्वास्थ्य सहायता नहीं मिल रही। किसी की ऑक्सीजन एक-एक दिन से बंद है तो कोई कफ सिरप न मिलने से परेशान है। लेकिन, कोई सुनने वाला नहीं है। पीड़ित लोग कोविड सेंटर के बदतर हालात की वजह से परेशान हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार मीडिया में बड़े-बड़े दावे करके व्यवस्था सही होने का प्रचार कर रहे हैं।
जबकि हालात बहुत खराब हैं। शर्मा ने कहा कि जिस तरह की नकारात्मक फीडबैक कोविड केयर केंद्रों से आ रही है, उसके प्रति सरकार को शीघ्र संज्ञान लेना चाहिए। जेनेरिक दवाओं का स्टॉक खत्म होना मेडिकल माफिया का षड्यंत्र है।
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