कृषि विभाग ने मृदा सैंपलिंग का कार्य पूरा कर लिया है। विभाग ने 3327 मृदा के सैंपल भरे हैं। अब इन सैंपल का मृदा जांच कार्यशाला में परीक्षण किया जा रहा है। विभाग ने खरीफ सीजन में 1456 मृदा के सैंपल भरे थे। रबी सीजन में विभाग ने 1871 सैंपल भरे हैं। ब्लॉक स्तर से सैंपल जिला कृषि विभाग के पास पहुंच गए हैं। विभाग ने इस बार जीपीएस से मृदा के इस बार लिए हैं जिससे सैंपल वाली जगह का रिकार्ड रखा जा सके।
सभी खंडों से भरे गए मिट्टी के सैंपल स्वायल हेल्थ टेस्टिंग लैब पहुंच गए हैं। मृदा की जांच के बाद भूमि की गुणवत्ता का सही पता चलेगा। जीपीएस से सैंपल वाली भूमि का रिकार्ड ऑनलाइन रखा जा रहा है। इससे सैंपल वाली भूमि में आवश्यकता अनुसार उर्वरक डाले जा सकें। साथ ही, किसानों को स्वायल हेल्थ कार्ड दिए जा रहे हैं। इसमें संबंधित किसान की भूमि का पूरा डाटा उपलब्ध रहेगा। तीन साल में 76,140 स्वायल हेल्थ कार्ड किसानों को बांटने का लक्ष्य निर्धारित है।
जिला में मृदा के सैंपल लेने का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब मृदा के नमूनों की जांच लैब में की जाएगी। रिपोर्ट स्वायल हेल्थ कार्ड पर प्रदर्शित होगी। ये कार्ड किसानों को बांटे जाएंगे।
- अजब कुमार नेगी, जिला मृदा जांच अधिकारी