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Hamirpur (Himachal) News: संदिग्ध की गिरफ्तारी के बाद एजेंसियां अलर्ट, किरायेदारों की सत्यापन व्यवस्था पर उठे सवाल

Thu, 24 Sep 2026 01:45 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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हमीरपुर। प्रतापगली से सहारनपुर निवासी युवक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हुई हैं। इसके साथ ही सवाल उठ रहा है कि संदिग्ध के पकड़े जाने से पहले किरायेदार सत्यापन प्रक्रिया में कितनी सजगता बरती गई।
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बाहरी राज्यों से आकर जिले में रहने वाले लोगों को मकान किराये पर देने और दुकानों में काम पर रखने से पहले पहचान का सत्यापन जरूरी है। हमीरपुर शहर में इस व्यवस्था के पालन को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं।
मकान मालिकों ने किरायेदारों से कौन-कौन से दस्तावेज लिए, उनका सत्यापन कराया या नहीं और पुलिस के पास इसका रिकॉर्ड है या नहीं, इसकी जांच जरूरी हो गई है।
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प्रतापगली में गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं। जिस गली में संदिग्ध रह रहा था, वहां रहने वाले अन्य बाहरी लोगों की गतिविधियों और सत्यापन संबंधी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
शहर में बाहरी राज्यों से आए कुछ लोगों की ओर से अलग-अलग नामों से छोटे से बड़े कारोबार किए जाने की चर्चा भी सामने आई है। कई दुकानों में बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। कुछ दुकानों का किराया 50 हजार से एक लाख रुपये तक बताया जा रहा है।
ऐसे में दुकानों में चल रहे कारोबार, वहां काम करने वाले लोगों और उनके दस्तावेजों के सत्यापन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रतापगली और बस स्टैंड से जुड़े क्षेत्र में बड़ी संख्या में प्रवासी लोग रहते हैं। ऐसे में किरायेदारों और कामगारों के पहचान दस्तावेजों के सत्यापन और पुलिस रिकॉर्ड को लेकर जांच की जरूरत महसूस की जा रही है।

महंगे मकानों में रह रहे लोगों का रिकॉर्ड कहां
शहर के कई हिस्सों में बाहरी राज्यों के लोग महंगे किराये के मकानों में रह रहे हैं। ऐसे में मकान मालिकों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। क्या किराये का अनुबंध हुआ, पहचान पत्र लिए गए, पुलिस को सूचना दी गई और सत्यापन कराया गया या नहीं, इसकी जानकारी भी जांच में सामने आनी चाहिए।

प्रतापनगर में बांग्लादेश से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति का मिला था शव
करीब एक वर्ष पहले प्रतापनगर में बांग्लादेश से ताल्लुक रखने वाले एक व्यक्ति का शव मिलने का मामला भी सामने आया था। उसके भारत में आने और यहां रहने की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठे थे। ऐसे मामलों के बाद भी बाहरी लोगों के सत्यापन की व्यवस्था कितनी प्रभावी रही, यह सवाल अब फिर खड़ा हो गया है।

कोट
किरायेदार या कामगार रखने से पहले उसकी पहचान की वैरीफिकेशन जरूरी है। इस संदर्भ में मकान मालिक और ठेकेदार सभी सजगता बरतें। इस बारे में समय-समय पर पुलिस की ओर से भी सूचित किया जाता है। -बलवीर ठाकुर, एसपी हमीरपुर
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