हमीरपुर। खानपान में लापरवाही, तंबाकू और धूम्रपान के अधिक इस्तेमाल का असर लोगों की दांत और मुंह की सेहत पर पड़ रहा है। टौणी देवी अस्पताल में मुंह से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
हर माह मुंह के छालों के करीब 15 से 20 मामले अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें कुछ मरीजों की गहन जांच भी की जा रही है, ताकि लंबे समय से बने छालों के पीछे किसी गंभीर बीमारी या कैंसर की आशंका को परखा जा सके।
वहीं, अत्यधिक ठंडी और गर्म चीजों के सेवन से दांतों में झनझनाहट की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। जबड़े में दर्द के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दांत और मुंह की समस्याओं को शुरुआती दौर में नजरअंदाज करने से बाद में परेशानी बढ़ सकती है।
बड़ों के साथ-साथ स्कूली बच्चे भी दांतों की समस्याओं की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल में हर माह करीब 15 से 20 बच्चे कैविटी, दांत दर्द और मसूड़ों की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
बच्चों में इन समस्याओं का प्रमुख कारण जंक फूड और गलत खानपान की आदतें बताई जा रही हैं।
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दातों की सफाई पर विशेष ध्यान की जरूरत
अभिभावकों को बच्चों के खानपान के साथ उनकी दांतों की सफाई पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मुंह में होने वाले सामान्य छाले अक्सर कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन यदि छाले लंबे समय तक बने रहें या बार-बार हों तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में खुद से दवा लेने के बजाय अस्पताल में जांच करवानी चाहिए।
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दांतों और मुंह की सेहत के लिए अपनाएं ये टिप्स
हरी सब्जियों, फलों और दूध का सेवन बढ़ाएं। दिन में दो बार ब्रश अवश्य करें। बहुत ज्यादा ठंडी, गर्म, मीठी और अम्लीय चीजों के सेवन से बचें। हर छह महीने में दंत चिकित्सक से परामर्श लें। मुंह के छालों का लंबे समय तक बने रहना नजरअंदाज न करें। बच्चों को जंक फूड से दूर रखने के साथ नियमित रूप से दांत साफ करने की आदत डालें।
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स्वास्थ्य विभाग लोगों को तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहने और बच्चों में बेहतर खानपान की आदतें विकसित करने के लिए जागरूक कर रहा है। समय पर जांच और सही देखभाल से मुंह के छालों और दातों की बीमारियों को रोका जा सकता है।
-डॉ. कविश, दंत चिकित्सक, टौणी देवी अस्पताल