हमीरपुर। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) हमीरपुर में सेवारत एक 28 वर्षीय असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-2 की रिपोर्ट उनकी मौत के एक दिन बाद बुधवार को पॉजिटिव आई है। उनके संपर्क में संस्थान के तीन प्रोफेसर समेत आधा दर्जन लोग आए हैं। जिन्हें संस्थान ने आईसोलेट होने के निर्देश जारी किए हैं। सोमवार सुबह को असिस्टेंट प्रोफेसर को अपने आवास के कमरे में बेहोशी की हालत में पाया गया था। संस्थान के स्टाफ ने उसे उपचार के लिए डॉ. राधा कृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में पहुंचाया। यहां पर प्राथमिक उपचार और सीटी स्कैन के बाद गंभीर हालत को देखते हुए हमीरपुर अस्पताल के चिकित्सकों उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। जहां पर उसने दम तोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के चिकित्सक भी उसके संपर्क में आए हैं।
प्रोफेसर उड़ीसा का रहने वाला था और वर्ष 2019 में ही एनआईटी हमीरपुर के मेकेनिकल विभाग में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-2 के पद पर उसकी नियुक्ति हुई थी। उड़ीसा से लौटने के बाद वह हमीरपुर एनआईटी में 14 दिन तक क्वारंटीन में था तथा क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद एक दिन ही अपने आवास पर रहा। सोमवार सुबह असिस्टेंट प्रोफेसर को उसके परिजनों फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद उसने फोन नहीं उठाया। संदेह होने पर घर वालों ने एनआईटी में इसकी जानकारी दी। जिसके बाद संस्थान के प्रोफेसर दौड़ते हुए सरकारी आवास पर पहुंचे। खिड़की से झांकने पर देखा तो प्रोफेसर फर्श पर गिरा हुआ था।
उधर, एनआईटी हमीरपुर के रजिस्ट्रार प्रो. योगेश गुप्ता ने कहा कि मेकेनिकल विभाग के एक असिस्टेंट प्रोफेसर की पीजीआई चंडीगढ़ अस्पताल में मौत हुई है। चंडीगढ़ पीजीआई में उनका सैंपल लिया गया था, जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।