हमीरपुर। न्यायालय में नकली करंसी का मामला साबित न होने पर आरोपी को बरी कर दिया है। अक्तूबर 2015 में प्रीतम दास पुत्र नागा दास गांव गिलबाड़ी, डाकघर जायखर बिहारी के खिलाफ नकली करंसी के आरोप में हमीरपुर पुलिस ने भादंसं की धारा 489 के तहत मामला दर्ज किया था।
धनेटा के दुकानदार राजेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दी थी कि प्रीतम दास ने हजार रुपये के दो नकली नोट देकर उनसे सामान खरीदा। इससे वह ठगी का शिकार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हमीरपुर न्यायालय में मामला दर्ज किया। इस मामले में कुल 18 गवाह पेश हुए, लेकिन यह साबित नहीं कर पाए कि यह नकली नोट प्रीतम दास ने ही दुकानदार को दिए थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गोरव महाजन की अदालत ने सबूतों के अभाव में प्रीतम दास को दोषी मानने से इंकार कर दिया और उन्हें रिहा कर दिया गया।