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Hamirpur (Himachal) News: सुई-धागे से बुना आत्मनिर्भरता का सपना, कल्पना बनीं मिसाल

Thu, 09 Jul 2026 12:58 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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बगारटी की कल्पना घर पर कपड़े सिलते हुए। संवाद
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हमीरपुर। बगारटी की कल्पना ने अपने सिलाई-कढ़ाई के हुनर को रोजगार में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। घर से शुरू किया गया छोटा-सा काम आज उनके परिवार की आय का स्थायी स्रोत बन चुका है और वह हर महीने 10 से 15 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं।
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कल्पना बताती हैं कि कुछ वर्ष पहले परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में उन्होंने अपने हुनर को ही रोजगार का माध्यम बनाने का फैसला किया।
बचपन से सिलाई में रुचि होने के कारण उन्होंने इस कला को और निखारा और घर में रखी सिलाई मशीन से छोटे-छोटे ऑर्डर लेने शुरू किए। शुरुआत में उन्हें आसपास के लोगों के कपड़े सिलने के सीमित ऑर्डर मिलते थे, लेकिन काम की गुणवत्ता के कारण धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ती गई।
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आज उनके पास महिलाओं के सूट, ब्लाउज, पेटीकोट, बच्चों के कपड़े और अन्य परिधानों की सिलाई का नियमित काम आता है। त्योहारों, शादी-विवाह के मौसम और स्कूल खुलने के समय काम बढ़ने से उनकी आमदनी में भी इजाफा हो जाता है।
कल्पना सुबह घरेलू कामकाज पूरा करने के बाद सिलाई का काम शुरू करती हैं और शाम तक ऑर्डर पूरे करने में जुटी रहती हैं। परिवार और काम के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने समय प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।
उनका कहना है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो महिलाएं घर की जिम्मेदारियां निभाते हुए भी आत्मनिर्भर बन सकती हैं। कल्पना के पति बद्दी में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं।
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