हमीरपुर जिले के मैड़ पंचायत के भगेटू गांव में खेतों में काम कर रही एक महिला की जंगल की आग की चपेट में आने से मौत हो गई। 15 दिन के भीतर हमीरपुर जिले में जंगल की आग की वजह से यह दूसरी मौत है। बीते 29 मई को चकमोह क्षेत्र में भी जंगल की आग के धुएं से दम घुटने से महिला की मौत हो चुकी है। जिले में लगातार जंगल आग से दहक रहे हैं।
जंगलों की आग अब मौत बनकर सामने आ रही है। भीषण गर्मी में इन जंगलों में लगी आग मुसीबत का कारण तो बनी ही थी, लेकिन अब मौत का भी कारण बन रही है। पुलिस थाना सदर हमीरपुर के तहत एक 75 वर्षीय महिला की जंगल की आग चपेट में आने से जिंदा जलने पर मौत को गई। गुरुवार को पुलिस थाना सदर में सूचना मिली कि गांव भगेटू डाकघर मैड़ में एक महिला की जलने से मौत हो गई।
पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। तब तक परिजन महिला को घर ले आए थे। निक्की देवी पत्नी धर्म सिंह निवासी गांव बगैतू डाकखाना मैड आयु 75 वर्ष अपने खेतों में काम कर रही थी। वह चीड़ के पेड़ के सूखी पत्तियों को खेत में फसल पर बिछा रही थी। इस दौरान जंगल की आग खेत तक पहुंच गई। महिला ने आग को बुझाने का प्रयास किया, लेकिन देखते ही देखते यह महिला आग की चपेट में आ गई और जिंदा जल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में पोस्टमार्टम करवा परिजनों के हवाले कर दिया है। पुलिस अधीक्षक भगत सिंह ने कहा कि मामले की छानबीन जारी है।
लगातार दहक रहे जंगल
जिला हमीरपुर जंगलों की आग के अब तक 239 मामले सामने आए हैं। आग के कारण 70 बीटों में अब तक 2338.3 हेक्टेयर एरिया पर करोड़ों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो गई है। लेकिन आग लगने का सिलसिला लगातार जारी है। प्रतिदिन जंगलों की आग भीषण गर्मी के रूप में लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हुई थी मौत
जंगल की आग के कारण वन परिक्षेत्र बिझड़ी के अंतर्गत 15 दिन पूर्व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी जंगल की आग का शिकार हो चुकी है। घर के साथ जंगल में आग लगने के कारण महिला के घर के समीप धुआं फैल गया और महिला की दम घुटने मौत हो गई। महिला चकमोह के मंछेद में कार्यरत थी।