सुजानपुर(हमीरपुर)। राष्ट्रीय स्तरीय होली मेले में पहली बार दुकानों के ऊपर टीन की छत डालने के प्रशासन के निर्णय पर दुकानदार भड़क गए हैं। दुकानदारों को कहना है कि प्रशासन को इस बारे दो माह पहले अवगत करवाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा आनन फानन में लिया गया निर्णय गरीब तबके पर भारी पड़ गया है। राष्ट्रीय स्तरीय होली मेले का उत्सव ऐतिहासिक चौगान में मनाया जाता है। जिससे करोड़ों रुपये की धनराशि तहबाजारी के रूप में एकत्रित होती है। प्रशासन द्वारा एक और प्लॉटों की नीलामी खुली बोली के रूप में कर दी है। वहीं अब नीलामी के बाद दुकानों के ऊपर टीन की छत डालने की चेतावनी दी जा रही है।
दुकानदार कमल नाथ, वसंत कुमार, विकास गोपाल, रिंकू मनोज, बाबू राम, अनूप, हंसराज, रमेश, सरोज, रितेश आदि दर्जनों चाट और हलवाई का कार्य करने वाले दुकानदारों ने उपमंडल अधिकारी नागरिक से गुहार लगाई है कि टीन की छत सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व की तरह सामान और तिरपाल लेकर आए हैं। दुकानदारों ने कहा कि प्रशासन आगामी वर्ष से इस सिस्टम को भले लागू कर दें लेकिन इस बार दुकानदारों के पास टीन के लिए अतिरिक्त बजट भी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में मुख्यमंत्री से गुहार लगाएंगे। इस संबंध में एसडीएम वीरेंद्र शर्मा ने कहा कि टीन की छत डालना अनिवार्य है।
पहले मेला प्रशासन ने प्लॉटों की बिक्री में भाग लेने के लिए 300 रुपये प्रति व्यक्ति आवेदन रखा था। 80 से अधिक आवेदनकर्ताओं ने यह औपचारिकता पूरी की थी। जिला उपायुक्त से लोगों द्वारा शिकायत करने पर इस औपचारिकता को बंद कर जमा राशि वापस या प्लॉट की खरीदारी पर व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया।