हमीरपुर। समय सुबह 11 बजकर 32 मिनट। स्थान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा हमीरपुर। 80 वर्षीय रिड़कू राम लाठी और अपनी पत्नी के सहारे बैंक की मुख्य बाजार में स्थित शाखा के द्वार पर पहुंचे और यहां गेट पर ताला लगा देख मायूस होकर साथ लगती दुकान के फर्श पर बैठ गए। पेंशन लेने के लिए अपनी पत्नी सहित बैंक आए, लेकिन हड़ताल की जानकारी न होने के कारण परेशानी झेलनी पड़ी। मझोग सुलतानी गांव से रिड़कू राम लाठी और अपनी पत्नी के सहारे बस में सवार होकर हमीरपुर पहुंचे थे।
इनके अलावा टैक्सी का 300 रुपये किराया देकर झनियारी से अपनी पत्नी सहित पहुंचे नत्थू राम भी पेंशन लेने के लिए 11.37 बजे दुकान के बाहर फर्श पर बैठे हैं। इन्होंने सुबह बैंक में फोन भी किया था। यहां से उन्हें बताया गया कि बैंक खुला होगा।
अब जब यहां पहुंचे हैं तो बैंक बंद है। बता दें कि जिले में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले सात बैंकों की यूनियन ने निजीकरण के विरोध में हमीरपुर में रोष रैली निकाली। इस दौरान बैंकों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। जिले में करीब आठ सौ करोड़ का कारोबार और लेनदेन प्रभावित हुआ है। अकेले एसबीआई बैंक का ही जिले में एक दिन का करीब दो सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। एसबीआई की जिले में 42 शाखाएं और करीब 350 कर्मचारी हैं। यहां रोजाना 200 करोड़ का नकद कारोबार और लेन देन होता है। ऐसे में वीरवार को करीब दो सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ और इतना ही शुक्रवार को दूसरे दिन की हड़ताल के दौरान होगा। इसके अलावा अन्य छह बैंकों को मिलाकर कुल 800 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है।
पंजाब नेशनल बैंक ऑफिसर एसोसिएशन हमीरपुर सर्कल के सर्कल सचिव प्रदीप कौंडल ने कहा कि बैंक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, लेकिन सरकार इस रीढ़ को समाप्त कर पूंजीपतियों का सहयोग करना चाहती है। जिससे देश बर्बाद होने की कगार पर है। बैंकों के निजीकरण से केवल कर्मचारियों को ही नुकसान नहीं होगा, बल्कि लोगों का पैसा भी सुरक्षित नहीं रहेगा। संसद के चालू सत्र में बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पेश किया जा रहा है, जिसके खिलाफ बैंक कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर हैं।
क्या कहते हैं लोग
लाठी के सहारे पहुंचे रिड़कू राम
एसबीआई शाखा हमीरपुर में अपनी पेंशन लेने के लिए मझोग सुलतानी गांव के रिड़कू राम अपनी पत्नी सहित लाठी के सहारे बैंक पहुंचे, लेकिन यहां ताला लगा है। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था में इतनी दूर से पैदल व बस में सफर कर आना मुश्किल है। अगर हड़ताल का पता होता तो आते नहीं।
रुपये निकालने के लिए आए थे, पर बैंक बंद : संदीप
पन्याला के संदीप कुमार ने कहा कि एटीएम नहीं है। पास बुक के जरिये ही रुपये निकासी के लिए बैंक आया हूं, लेकिन बैंक बंद है। अब बैंक के बाहर लगी एंट्री मशीन से पास बुक पर एंट्री करवाकर वापस जा रहा हूं। हड़ताल या बैंक बंद होने बारे उपभोक्ताओं को मैसेज आना चाहिए।
टैक्सी कर पहुंचे, बैंक बंद मिला : नत्थू राम
नत्थू राम व उनकी पत्नी झनियारी से टैक्सी कर एसबीआई शाखा हमीरपुर पहुंचे, लेकिन यहां बैंक के गेट पर ताला देख मायूस हो गए और साथ लगती दुकान के फर्श पर बैठ गए। सुबह बैंक में फोन करने पर उन्हें बताया गया था कि बैंक खुले होंगे। लेकिन, अब बंद है। पेंशन लेने के लिए बैंक आए, लेकिन नहीं ले पाए।
हड़ताल के बारे में पता न होने से हुई समस्या : कैलाशो
सलौणी से हमीरपुर पहुंची कैलाशो देवी ने कहा कि पेंशन लेने के लिए बैंक आईं, लेकिन यहां बैंक बंद होने के कारण परेशानी हुई। सलौणी से इतने दूर आने के बाद भी खाली लौटना पड़ा है। हड़ताल के बारे में पता न होने के कारण समस्या हुई।
हड़ताल के कारण बंद रहा बैंक : कमल
एसबीआई शाखा हमीरपुर के प्रबंधक कमल कांत ने कहा कि वीरवार को हड़ताल के कारण बैंक बंद रहा। उन्होंने कहा कि हमीरपुर शाखा में करीब 35 हजार खाताधारक हैं। यहां रोजाना करीब 25 से 30 लाख रुपये का लेनदेन होता है। हड़ताल से यह लेनदेन प्रभावित हुआ है।