सुजानपुर (हमीरपुर)। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शुभ और मांगलिक कार्यों पर मंगलवार यानी आज से ही विराम लग गया है, क्योंकि शुक्र ग्रह अस्त होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 11 दिसंबर से शुक्र अस्त शुरू हो रहा है और इससे पहले के तीन दिन भी मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माने जाते हैं। ऐसे में विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए अगले साल 4 फरवरी 2026 तक इंतजार करना पड़ेगा।
शास्त्रों के मुताबिक किसी भी शुभ कार्य के लिए शुक्र ग्रह के अस्त होने से पहले के तीन दिन और उदय होने के तीन दिन बाद का समय शुभ नहीं माना जाता है। इस बार यह अवधि लंबी हो रही है क्योंकि शुक्र ग्रह 11 दिसंबर को अस्त हो जाएगा। शुक्र अस्त के ठीक बाद 14 दिसंबर की देर रात से खरमास भी शुरू हो जाएगा। इससे करीब 53 दिनों तक शुभ कार्यों पर रोक रहेगी।
खरमास की समाप्ति मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी 2026 को होगी। शुक्र ग्रह का उदय 31 जनवरी 2026 को होगा। हालांकि उदय होने के तीन दिन बाद तक का समय भी मांगलिक कार्य के लिए शुभ नहीं होता है। उपरोक्त गणनाओं के कारण, मांगलिक कार्य अब सीधे 4 फरवरी 2026 से ही शुरू हो पाएंगे। इस तिथि से विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश आदि सभी शुभ कार्यों के लिए समय अनुकूल माना जाएगा।
क्या कहते हैं आचार्य?
सुजानपुर शहर के कटोच वंश के राजपुरोहित पंडित आशुतोष शर्मा ने कहते हैं कि शुक्र ग्रह के अस्त तथा उदय से तीन दिन पहले तथा तीन दिन तक समय किसी भी मांगलिक कार्य के लिए शुभ नहीं होता। शुक्र ग्रह का उदय 31 जनवरी 2026 को होगा और 4 फरवरी से ही शुभ कार्य के लिए समय शुभ माना जाएगा। पंडित शर्मा ने सलाह दी कि खरमास के दौरान दान-पुण्य करना विशेष रूप से फलदायी होता है, जिसमें चावल, दूध, चीनी, चांदी जैसी सफेद रंग की वस्तुओं का दान अत्यंत शुभ माना जाता है।