हमीरपुर। प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार सोमवार को हमीरपुर के सभी सरकारी और अर्ध सरकारी कार्यालयों में 50 फीसदी स्टाफ ही उपस्थित रहा। शेष कर्मचारियों ने वर्क फ्रॉम होम किया।
कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते सरकार ने यह गाईडलाइन जारी की है। गांधी चौक समेत जिलाभर के बाजारों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लोग सामाजिक दूरी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
कई जगह लोग बिना मास्क के घूमते हुए नजर आए। इस तरह की लापरवाही के कारण कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि हो सकती है। जिला भर में वर्तमान में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या साढ़े चार सौ से अधिक है। स्कूल-कॉलेज में कक्षाएं बंद हैं। प्रशासन ने दुकानों को खोलने और बंद करने बारे भी समय निश्चित कर दिया है, ताकि कोरोना के मामलों मेें कमी आए। लेकिन लोगों की लापरवाही के कारण आने वाले समय में कोरोना का बड़ा विस्फोट हो सकता है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर विजय सकलानी ने कहा कि पुलिस को सार्वजनिक स्थलों पर औचक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। कोरोना नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों के चालान काटे जाएंगे।
दो दिन बाजार बंद रखने का विरोध
हमीरपुर व्यापार मंडल ने जिला प्रशासन की ओर से सप्ताह में दो दिन बाजार बंद रखने के आदेशों का विरोध किया है। व्यापार मंडल प्रधान अनिल सोनी, चेयरमैन विपिन शर्मा, उपाध्यक्ष अश्वनी जगोता, सुमित ठाकुर और मुनीष पुरी ने कहा कि पूरे प्रदेश में सप्ताह में दो दिन बाजार बंद रखने के आदेश कहीं भी नहीं हैं।
हमीरपुर प्रशासन ने शनिवार और रविवार को बाजार बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। इसका वह विरोध करते हैं। पिछले करीब दो सालों से लॉकडाउन और अन्य बंदिशों के कारण छोटा कारोबारी पहले ही काफी परेशान हैं। दुकान का किराया और बैंक के लोन का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। अब नई शर्तें थोपी जा रही हैं। व्यापार मंडल शीघ्र इस बारे में जिला प्रशासन से मिलकर अपना पक्ष रखेगा।