बिझड़ी (हमीरपुर)। आयुर्वेदिक अस्पताल बिझड़ी में सेवारत एक चिकित्सक समेत जिले में कोरोना संक्रमण के 28 नए मामले सामने आए हैं। विकास खंड बिझड़ी में छह दिन पूर्व कोरोना संक्रमित पाई गई एक महिला के संपर्क में आने से बुधवार को आयुर्वेदिक चिकित्सक और कोरोना संक्रमित महिला की सास की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। कोरोना संक्रमितों में चार बड़सर क्षेत्र जबकि, एक हमीरपुर अस्पताल में उपचाराधीन मंडी जिला के सरकाघाट का मरीज शामिल है। जिला हमीरपुर में किसी चिकित्सक के कोरोना पॉजिटिव होने का यह पहला मामला है। देर शाम जिले में 23 नए मामले सामने आए हैं।
38 वर्षीय महिला कोरोना सैंपल देने के बाद 2 सितंबर को दवाई लेने आयुर्वेदिक अस्पताल बिझड़ी पहुंची थी। तीन सितंबर शाम को वह पॉजिटिव निकली। महिला के पॉजिटिव पाए जाने के बाद संबंधित आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सक को भी गृह संगरोध में रखा गया था। बुधवार को चिकित्सक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। इस मामले में प्रशासन और विभाग की लापरवाही भी सामने आई है। छह दिन पूर्व पॉजिटिव पाई गई महिला के गृह क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन तो घोषित किया गया लेकिन, अभी तक वहां पर कोई भी चेतावनी बोर्ड या फिर रस्सी या कोई होमगार्ड का जवान तैनात नहीं किया है। बुधवार को जब 60 वर्षीय महिला को एंबुलेंस में ले जाया जा रहा था तो उसने कोई पीपीई किट भी नहीं पहनी थी और जिस एंबुलेंस में इस महिला को लाया गया, उसमें पहले से ही एक मरीज मौजूद था। इस बारे में बीएमओ बड़सर डॉ. नरेश कुमार का कहना है कि बिझड़ी से आज एक डॉक्टर और एक महिला पॉजिटिव पाए गए हैं। यह जरूरी नहीं है कि मरीज को पीपीई किट पहनाई जाए। मरीज घर के कपड़ों में भी कोविड-19 केयर सेंटर जा सकता है। तहसीलदार बिझड़ी कृष्ण कुमार का कहना है कि कंटेनमेंट जोन में चेतावनी बोर्ड या सुरक्षाकर्मी क्यों तैनात नहीं किया गया, इस बारे में पता किया जा रहा है।
इससे पूर्व भी बड़सर में सामने आ चुकी है लापरवाही-
जिले में इससे पूर्व भी कोरोना को लेकर बड़ी लापरवाही उजागर हो चुकी है। 19 अगस्त को बद्दी से अपने पति और बच्चे समेत लौटी टौणीदेवी के बारीं की रहने वाली महिला ससुराल में कुछ दिनों तक रहने के बाद 26 अगस्त को बड़सर स्थित अपने मायके पहुंच गई थी। खांसी जुकाम की बीमारी पर बड़सर के एक निजी क्लीनिक में 26 और 27 अगस्त को दो दिन तक उपचार करवाती रही। 28 अगस्त को वह बड़सर अस्पताल में पहुंची, जहां उसकी मौत हो गई। शव को परिजनों को सौंप दिया गया तथा मौत के बाद सैंपल लिया गया। जिसकी रिपोर्ट 31 अगस्त को पॉजिटिव आई। इस मामले की अभी तक जांच चल रही है।