चैत्र माह मेलों के अंतिम रविवार को दियोटसिद्ध मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
- फोटो : Hamirpur-HP
बिझड़ी (हमीरपुर)। चैत्र माह मेलों के अंतिम रविवार को बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अनुमान लगाया जा रहा है कि 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रविवार को मंदिर में माथा टेका। मंदिर परिसर में भीड़ होने के कारण कोरोना नियमों का पालन भी नहीं हुआ। आस्था के आगे कोरोना का खौफ नजर नहीं आया। रविवार को दिनभर बाबा का दरबार जयकारों से गूंजता रहा। इस दौरान पंजाब से अधिक श्रद्धालु बाबा के दरबार पहुंचे। मंदिर में लंगर सेवा व रात को ठहरने की अनुमति नहीं है। इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ के चलते स्थानीय दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक लौटी है। बीते वर्ष चैत्र माह मेले कोरोना की भेंट चढ़ गए थे।
जिससे दुकानदारों को काफी हानि उठानी पड़ी थी। चैत्र माह मेलों के दौरान मंदिर में चढ़ावा भी 4 करोड़ 25 लाख रुपये के पार हो गया है। मंगलवार को बैसाखी वाले दिन चैत्र माह मेले समाप्त होंगे। अंतिम रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और करीब 20 लाख रुपये का चढ़ावा रविवार को बाबा के दरबार में चढ़ा। जिसमें 13 लाख चढ़ावे और सात लाख रुपये दान के रूप में चढ़े। मंदिर अधिकारी कृष्ण कुमार ठाकुर का कहना है कि चैत्र माह के आखिरी रविवार के चलते काफी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। कोरोना को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को सामाजिक दूरी बनाए रखने की कोशिश की गई। कोरोना के चलते मेलों का सफल आयोजन ट्रस्ट के लिए भी काफी चुनौतीपूर्ण रहा।