आपात स्थिति में मरीज दूरदराज के अस्पतालों में भटकने को मजबूर
पीएचसी में प्रतिदिन 200 के करीब है ओपीडी, मरीजों को रही खासी परेशानी
क्लर्क, दाई और नर्स सहित अन्य रिक्त पदों को भरने में असमर्थ रहा है स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
भोटा (हमीरपुर)। नगर पंचायत भोटा में 24 घंटे चलने वाला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंबे समय से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में महज एक चिकित्सक तैनात है। पीएचसी में प्रतिदिन 200 के करीब ओपीडी है। यहां नगर पंचायत भोटा, मोरसू सुल्तानी, पटेरा, लोहडर, पाहलू, करेर, सौर, अग्घार, नाहलवीं और पांडवी सहित अन्य आसपास की पंचायतों से लोग स्वास्थ्य जांच कराने के लिए आते हैं, लेकिन पीएचसी में स्टाफ न होने से अधिकांश मरीजों को बड़सर, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर रेफर कर दिया जाता है। स्थानीय लोगों चमनलाल, नीरज कुमार, रमेश चंद, पवन कुमार, विजय कुमार, बीरबल,योगराज, विक्की, दीपक, मनोज जुग्गल, अनिल कानूनगो, चंद्र मोहन, सुजीत सिंह, पंकज कुमार, देशराज, संजय कुमार, शिव खन्ना आदि ने कहा कि भोटा स्वास्थ्य केंद्र में पिछले 45 वर्षों से 24 घंटे की स्वास्थ्य सुविधा मिल रही हैं। पूर्व भाजपा सरकार की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड करके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया था ताकि मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिल सके। लेकिन, कांग्रेस सरकार ने इसे डी नोटिफाई कर दोबारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना दिया और स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पदों को भरने की जहमत नहीं उठाई है। पिछले दो वर्षों से यहां पर दो चालक, एक चिकित्सक और एक दाई, नर्स, सफाई कर्मचारी, क्लर्क और दंत सहायक का पद रिक्त है। पीएचसी में क्लर्क का पद रिक्त होने से लोगों को मृत्यु प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनाने के लिए काफी परेशानी आ रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रिक्त पदों को भरने की मांग की है। इस बारे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोटा के प्रभारी डॉ. ऋषभ ने कहा कि पीएचसी में प्रतिदिन 200 के करीब ओपीडी है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बीएमओ बड़सर डॉ. बृजेश शर्मा ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोटा में एक चिकित्सक है। यहां की ज्यादा ओपीडी को देखते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह करके यहां पर दो और चिकित्सक डेपुटेशन पर लगाए हुए हैं।