हमीरपुर। जिले के कई क्षेत्रों में गेहूं की बिजाई का काम जल्द आरंभ होगा। किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए बीज की तुरंत आवश्यकता है, लेकिन किसानों को गेहूं के साथ-साथ अन्य बीज उपलब्ध करवाने वाले कृषि विक्रय केंद्रों में कर्मियों के अभाव में ताले लटके हैं।
किसानों को बीज लेने के लिए परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। जिले में करीब 36 कृषि विक्रय केंद्र हैं। इनमें से करीब 13 ही संचालित हैं, जबकि 23 कृषि विक्रय केंद्र स्टाफ नहीं होने के कारण बंद पड़े हैं। कृषि विक्रय केंद्रों को एईओ की ओर से संचालित किया जाता है।
जिले में एईओ (एग्रीकल्चर एक्सटेंशन ऑफिसर) के 55 पद स्वीकृत हैं। इसमें से 11 पद भरे गए हैं। करीब 44 पद एईओ के रिक्त हैं। इन्हीं रिक्त पदों के कारण कृषि विक्रय केंद्रों को अस्थाई तौर पर बंद करना पड़ा है।
हालांकि, कृषि विभाग का दावा है कि कृषि विक्रय केंद्रों के साथ-साथ सोसाइटियों के माध्यम से भी बीज उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, जिसके चलते किसानों को आसानी से बीज मिल रहा है। जिले में करीब 245 सोसायटियां हैं। इनमें से लगभग 154 सोसायटियों के माध्यम से किसानों को गेहूं के साथ-साथ अन्य बीज उपलब्ध करवाया जा रहा है।
कोट
23 कृषि विक्रय केंद्र स्टाफ के अभाव में बंद हैं। अन्य विक्रय केंद्रों और सोसायटियों के माध्यम से किसानों को बीज उपलब्ध करवाया जा रहा है। किसानों को बीज लेने में परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-डॉ. शशिपाल अत्री, उपनिदेशक, कृषि विभाग हमीरपुर