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भोरंज उपमंडल में दो माह में तैयार होंगी 18 नई पेयजल योजनाएं

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सूचही पेयजल योजना का निर्माणाधीन पंप हाउस। - फोटो : Hamirpur-HP
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भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज में 22 नई पेयजल योजनाओं से पानी की किल्लत दूर होगी। करोड़ों रुपये की लागत से बन रही पेयजल योजनाओं का कार्य अंतिम पड़ाव पर है। जबकि, कुछ योजनाएं तैयार हो गई हैं, जो योजनाएं बन रही हैं, वह दो माह के भीतर तैयार होंगी और लोगों को पेयजल की बेहतरीन सुविधा मिलेगी। 1977 से लेकर 2017 तक भोरंज के लिए मात्र नौ पेयजल स्कीमें थीं। इससे पूरे उपमंडल में पानी की सुचारु रूप से आपूर्ति नहीं हो पाती थी, लेकिन पिछले चार साल में भोरंज के लिए सरकार की ओर से 22 नई पेयजल योजनाओं के लिए करोड़ों रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
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मालिया सधरियान पेयजल योजना 12 करोड़ की लागत से बनी है। इससे 57 गांवों को पेयजल आपूर्ति हो रही है। वहीं, 3.50 करोड़ से बनी कड़ोहता जखयोल पेयजल योजना से पेयजल आपूर्ति शुरू हो गई है। कठयावी, जोल कोहटा स्कीमें पेयजल आपूर्ति कर रही हैं। वहीं, निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं में 46 करोड़ रुपये की लागत से बन रही सचूही परियोजना से 139 गांवों को पानी मिलेगा।
इसके अलावा तन अमरोह, गरसाहड़, भकेड़ा, भौंखर, मनोह, जाहू, मुंडखर, बडैहर पेयजल योजनाएं जल्द तैयार होने वाली हैं। वहीं, सरकार की ओर से भोरंज के लिए जगह-जगह पानी की लीकेज के कारण व्यर्थ बह रहे पानी के संरक्षण के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पुरानी टूटी पाइप लाइनों को बदलकर लीकेज की समस्या को खत्म किया गया है। इस संदर्भ में जल शक्ति विभाग भोरंज के एसडीओ अनिल शर्मा ने बताया कि अधिकतर पेयजल परियोजनाएं दो माह तक बनकर तैयार हो जाएंगी, क्योंकि उनमें थोड़ा ही काम शेष है। इन स्कीमों के शुरू हो जाने से क्षेत्र में काफी हद तक पेयजल समस्या समाप्त हो जाएगी।
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