अमर उजाला ब्यूरो
भोरंज (हमीरपुर)। समाज में फैली कुरीतियों को खत्म करने में महिलाएं अहम भूमिका निभा सकती हैं। 18 वर्ष से कम आयु की बच्चियों का विवाह अपराध की श्रेणी में आता है। अगर कोई जोर जबरदस्ती करता है तो कानून में सजा का प्रावधान है। यह उद्गार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भोरंज में मंगलवार को आयोजित ‘अमर उजाला’ के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में थाना प्रभारी भोरंज कुलवंत सिंह ने प्रकट किए। उन्होंने कहा कि लड़कियों को अगर कोई बार-बार फोन कर तंग करता है तो उसके विरुद्ध थाने में शिकायत दर्ज करवा सकती हैं।
अगर वह शिकायत दर्ज नहीं करवाती हैं तो फोन करने वाले आरोपी व्यक्ति के हौसले और बुलंद हो जाएंगे। वह लड़कियों का पीछा करेगा और अपहरण जैसी घटनाओं का अंजाम दे सकते हैं। जुर्म को सहन करना भी एक गुनाह है, इसलिए किसी भी बुराई का डटकर सामना करें। उन्होंने छात्राओं को साइबर क्राइम, किशोरी न्याय, गुड़िया हेल्पलाइन नंबर, इमरजेंसी नंबर 112 आदि के बारे में जानकारी दी। थाना प्रभारी ने कहा कि लड़कियां समाज में फैली कुरीतियों के विरुद्ध निडर होकर पुलिस में शिकायत करवाएं। दहेज जैसी बुराइयों का विरोध करना चाहिए।
क्या कहते हैं प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य सुदेश कुमार ने कहा कि छात्राओं को मोबाइल का जरूरत पड़ने पर ही प्रयोग करना चाहिए। दहेज जैसी बुराई का स्वयं विरोध करना चाहिए। छात्रों को घबराना नहीं चाहिए। मंजिल निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए प्रयास करना चाहिए। प्रयास करने से सफलता जरूर मिलती है और विद्यार्थी जीवन में पढ़ाई के बजाए अन्य बातों पर भी ध्यान दें।
छात्राएं-
मुश्किलों से लड़ने के लिए मिली सीख
अनामिका ने कहा कि जीवन में मुश्किलों से लड़ने के लिए सीख मिली है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में कई बातों के बारे में पता चला है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों की मिली जानकारी
तमन्ना ने कहा कि इस कार्यक्रम में महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि इन कानूनों के बारे में अन्य छात्राओं को भी जागरूक करेंगी।
दहेज जैसी बुराई के बारे में लोगों को जागरूक करेंगी
शिल्पा ने कहा कि वह इस कार्यक्रम में जो जानकारियां मिली हैं, उन्हें अन्य लड़कियों को बताएंगी। उन्होंने कहा कि दहेज जैसी बुराई के बारे में लोगों को जागरूक करेंगी।
कार्यक्रम में विभिन्न कानूनों का चला पता
अनिशा ने कहा कि महिलाओं को जागरूक करने के लिए अमर उजाला की यह सराहनीय मुहिम हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में विभिन्न कानूनों के बारे जानकारी मिली है।