हमीरपुर। टीबी की जोखिमपूर्ण आबादी का दायरा बढ़ाया गया है। टीबी की जोखिमपूर्ण आबादी में 15 नई श्रेणियों को शामिल किया गया है। पहले इसमें 32 श्रेणियां शामिल थीं। अब 45 प्रकार की जोखिमपूर्ण आबादी के एक्सरे करवाए जा रहे हैं।
इससे जिला में टीबी के एक्सरे अभियान को नवंबर तक बढ़ा दिया है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि समय पर जांच और पुष्टि होने से टीबी मुक्त बनाने में सफलता हासिल हो सकेगी। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अपनी छाती के एक्सरे करवाएं।
टीबी मुक्त अभियान के तहत पोर्टेबल एक्सरे मशीन के माध्यम से लोगों की जांच की जा रही है। 15 श्रेणियों के लोगों के शामिल होने के बाद अब लक्ष्य भी बढ़ गया है। पिछले साल से जिला में टीबी मुक्त अभियान के तहत लोगों की स्क्रीनिंग की गई। उसके बाद एक्सरे करवाए जा रहे हैं।
एक्सरे करवाने के बाद मरीज की बलगम की जांच की जा रही है। टीबी की पुष्टि होने के बाद मरीजों का निशुल्क इलाज किया जाता है। इसके अलावा निक्षय मित्रों की ओर से पोषण किट भी मुहैया करवाई जाती हैं।
जोखिमपूर्ण आबादियों में यह हैं शामिल
टीबी की जोखिमपूर्ण आबादियों में अस्थमा रोगी, कुपोषण के रोगी, गुर्दे बीमारी के मरीज, कैंसर रोगी, पोस्ट कोविड मरीज, सिलिकोसिस रोगी, गर्भवती महिलाएं, क्रोनिक किडनी के रोगी, मुधमेह आदि शामिल हैं। इन श्रेणियों के मरीजों को टीबी होने का अधिक खतरा होता है, इसलिए इन मरीजों को नियमित रूप से टीबी की जांच शामिल किया है।
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टीबी की जोखिमपूर्ण आबादी में 15 नई श्रेणियों को शामिल किया गया है। अब 45 प्रकार की जोखिमपूर्ण आबादी के एक्सरे करवाए जा रहे हैं। इससे टीबी मुक्त अभियान का लक्ष्य बढ़ गया है। नवंबर तक अभियान जारी रहेगा।
-डॉ. सुनील वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी