हमीरपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित शगुन योजना का बजट एक वर्ष बाद भी जारी नहीं हुआ है। ऐसे में पात्र गरीब परिवारों को बेटी की शादी करने में परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
जिला में वर्ष 2024-25 में 79 और 2025-26 में अगस्त माह तक 70 पात्र बेटियों को शगुन का राशि का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में योजना के तहत पात्र परिवार कर्ज लेकर बेटियों की शादियां करने को मजबूर हैं।
योजना के तहत पात्र परिवारों ने कहा कि बीते एक वर्ष से प्रदेश सरकार की ओर से योजना के तहत राशि जारी करने में देरी की जा रही है। इससे गरीब परिवारों को शादी के लिए खर्च करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में विभाग की ओर से पात्र परिवारों को शादी से दो माह पहले 31000 रुपये की राशि सीधे खाते में डाली जाती थी, ताकि शादी के दौरान खर्च संबंधी कार्य पूर्ण हो सकें, लेकिन अब इस बार राशि का भुगतान करने में लापरवाही बरती जा रही है।
अधिकांश परिवारों ने बेटियों की शादी के लिए कर्ज लिया है। ऐसे में राशि का भुगतान होने पर परिवार कर्ज वापस कर सकेंगे। विभाग की ओर से शादी का प्रमाणपत्र दिखाकर बीपीएल परिवारों की बेटियां वित्तीय लाभ लेने की सुविधा दी जाती है। दो बार कार्यालय में जाकर दस्तावेजों की जमा करवा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई भी बजट नहीं आया है।
कोट
शगुन योजना के तहत बजट जारी नहीं हुआ है। जिले में 149 पात्रों को बजट जारी होने के बाद भुगतान कर दिया जाएगा। रिपोर्ट निदेशालय भेजी गई है।
- अनिल कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, हमीरपुर