हमीरपुर। सीआईडी कार्यालय हमीरपुर के प्रभारी एसआई जगपाल का चयन पुलिस मेडल के लिए हुआ है। वर्तमान में हमीरपुर में कार्यरत सीआईडी प्रभारी जगपाल 9 फरवरी 1989 को पुलिस विभाग में बतौर कांस्टेबल भर्ती हुए। उन्होंने सेकंड बटालियन धर्मशाला से अपनी ट्रेनिंग पूरी की। सात दिसंबर 1992 को वह मुख्य आरक्षी के पद पर पदोन्नत हुए। इसके बाद वर्ष 2008 में सहायक उपनिरीक्षक बने। वर्ष 2015 में वह पदोन्नत होकर उपनिरीक्षक बने। जगपाल सीआईडी कार्यालय ऊना में प्रभारी रहे हैं। वहीं, सीआईडी कार्यालय देहरा और सीआईडी हेडक्वार्टर शिमला में भी उन्होंने सेवाएं दी हैं। जगपाल मुख्य रूप से ऊना जिला की अंब तहसील के चुरूड़ू गांव के रहने वाले हैं।
वह ऊना जिले की सुरक्षा शाखा के इंचार्ज भी रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान हमीरपुर, ऊना, देहरा में भ्रष्टाचार करते पांच अधिकारियों और कर्मचारियों पर केस दर्ज करवाया। इसके साथ ही उन्होंने एनडीपीएस के 18 मामलों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा ऊना में हुए ट्रिपल मर्डर केस के अपराधी को पकड़ने में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके अलावा वनकाटुओं पर भी शिकंजा कसा। वहीं, वर्ष 2011 में जिला हमीरपुर की नाबालिग को भगाकर ले जाने वाले दो कश्मीरी युवकों को देहरा के प्रभारी रहते हुए रानीताल चौकी में पकड़वाया। जिसके लिए उन्हें 2011-12 में डीजीपी डिस्क अवार्ड भी मिला। एसआई जगपाल ने कहा कि उन्हें सबसे पहले पुलिस मेडल की सूचना अमर उजाला के माध्यम से मिली है। पुलिस मेडल के लिए चयनित होने पर बहुत खुशी हो रही है।