हमीरपुर। कभी सत्ता का केंद्र रही हमीरपुर भाजपा में अब ध्रुवीकरण और तुष्टिकरण की राजनीति शुरू हो गई है। पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता अब दो नाव में सवार हो गए हैं। कुछ लोग सुबह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तो शाम को समीरपुर स्थित पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। शुक्रवार को हमीरपुर में आरएसएस का पथ संचलन कार्यक्रम था। इस दिन एचआरटीसी के नवनियुक्त उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री का स्वागत कार्यक्रम भी था।
भाजपा के कई पदाधिकारी सुबह ही आरएसएस के पथ संचलन में पहुंच चुके थे। लेकिन, एक धड़ा भोटा के समीप उखली में शिमला से हमीरपुर आ रहे एचआरटीसी के नवनियुक्त उपाध्यक्ष विजय अग्निहोत्री के स्वागत के लिए पहुंच चुका था। हालांकि, स्वागत करने वाले पदाधिकारी इससे पूर्व आरएसएस के पथ संचलन में कई बार शामिल रहे लेकिन, अग्निहोत्री के स्वागत में पहुंचकर उन्होंने पथ संचलन को ज्यादा महत्व नहीं दिया। पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले पार्टी के पदाधिकारी भी एचआरटीसी के उपाध्यक्ष के स्वागत के लिए पहुंचे थे। बोर्ड और निगमों में अभी तक एक गुट विशेष के लोगों को ही अधिमान मिला है। प्रदेश सरकार में अपनी अनदेखी के चलते सालों से पार्टी की सेवा में जुटे कार्यकर्ताओं का अब मनोबल ढोल रहा है। अगर शीघ्र डैमेज कंट्रोल न हुआ तो आने वाले समय में बड़ी चिंगारी भड़क सकती है।
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इन लोगों को नहीं मिला कोई स्थान
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीबी रहे पूर्व मंत्री ठाकुर गुलाब सिंह, रविंद्र सिंह रवि, भाजयुमो के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र अत्री, पूर्व विधायक बलदेव शर्मा, पूर्व विधायक डॉ. अनिल धीमान समेत एक लंबी फेहरिस्त है, जिन्हें उनके लंबे राजनीतिक अनुभव के बावजूद अभी तक सरकार ने कोई ओहदा नहीं दिया है।