हिमाचल में लोग किसी भी सरकार के कामकाज पर बेशक पांच साल बाद फैसला देते हों, लेकिन वीरभद्र सरकार के आठ महीनों पर आजकल एक आनलाइन सर्वे शुरू हो गया है।
सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के जरिए आईटी प्रोफेशनल्स के एक ग्रुप ने 30 राज्यों के मुख्यमंत्रियों और 4200 विधायकों के लिए एक आनलाइन मूवमेंट लांच किया है। इसे फेसबुक के जरिए स्पांसर किया गया है।
आनलाइन सर्वे में अब तक हिमाचल से 7480 लोगों ने भाग लिया है। फेसबुक के होम पेज पर दिए गए लिंक के जरिए वोटिंग वेबसाइट पर रेटिंग दी जा सकती है।
रेटिंग दर्ज होने के बाद सर्वे में केवल राज्य के लोगों की ओर से दिए गए अंक ही शामिल होते हैं। रिपोर्ट कार्ड पर रेड, ग्रीन और येलो तीन कलर के जरिए रेटिंग की पहचान होती है। यह सर्वे 12 अगस्त को लांच किया गया।
अब तक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को ग्रामीण विद्युतीकरण और निर्बाध बिजली तथा सांप्रदायिक सदभाव के क्षेत्र में ही अच्छी रेटिंग मिली है।
हालांकि सर्वे के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून एवं व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, शहरी निकायों में बेहतर सेवाएं आदि क्षेत्र भी हैं।
कुल पांच अंकों के आधार पर कोई भी व्यक्ति यह रेटिंग दे सकता है। इस सर्वे में जाली आईडी से वोट नहीं हो सकता, क्योंकि पहले रजिस्टर करना होता है।
क्या है आई फॉर इंडिया?
आई फॉर इंडिया एक आनलाइन मूवमेंट है, जिसे माइक्रोसाफ्ट के पूर्व कर्मचारी अंकुर गर्ग चला रहे हैं। वह गाजियाबाद से हैं और वर्तमान में मुंबई में हैं।
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, अभिनेत्री गुल पनाग और सीएनएन-आईबीएन के भूपेंद्र चौबे जैसे कई नामी लोग ग्रुप के संरक्षक हैं।
अंकुर कहते हैं-जब प्राइमरी के बच्चे को स्कूल रिपोर्ट कार्ड देते हैं तो जनप्रतिनिधियों को क्यों नहीं? यही ग्रुप का बेसिक आइडिया है।