प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार से हालात और बिगड़ने का अल्टीमेटम भी दे दिया है। जयराम ने कहा कि सरकार द्वारा बिना सोचे-समझे लिए गए फैसलों के कारण ही ऐसी स्थिति बनी है। इसलिए मुख्यमंत्री को पूरे मामले पर पुनर्विचार करना चाहिए और इसका सौहार्दपूर्ण समाधान निकालना चाहिए। टूरिज्म सेक्टर से जुड़े लोग भी एंट्री टैक्स का विरोध कर रहे हैं। टैक्सी यूनियन भी इसके खिलाफ है।
इसके अलावा पंजाब के लोगों ने भी विरोध जताया है और कहा है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो हिमाचल में पंजाब से लगने वाले सभी एंट्री प्वाइंट्स पर हिमाचल के वाहनों को रोका जाएगा। इससे एक बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है और आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि छोटी गाड़ियों के शुल्क में अधिक वृद्धि नहीं हुई है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत है।
छोटे वाहनों की एंट्री फीस में लगभग 234 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पहले हिमाचल प्रदेश के यूटिलिटी वाहनों को छूट थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इसका सीधा असर किसानों, बागवानों और सब्जी उत्पादकों पर पड़ेगा। जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री को तुरंत पंजाब के मुख्यमंत्री से बात करनी चाहिए और संवाद के माध्यम से इस समस्या का समाधान निकालना चाहिए।