प्रदेश के लोगों, अधिवक्ताओं और वित्तीय संस्थानों को बड़ी राहत मिली है। बैंकों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े एनपीए और ऋण वसूली के मामलों की सुनवाई के लिए अब चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश के लोगों, अधिवक्ताओं और वित्तीय संस्थानों को बड़ी राहत मिली है। बैंकों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े एनपीए और ऋण वसूली के मामलों की सुनवाई के लिए अब चंडीगढ़ नहीं जाना पड़ेगा। राजधानी के चक्कर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में ऋण वसूली अधिकरण (डीआरटी) शुरू हो गया है। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया ने डीआरटी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही अधिकरण में अदालत की कार्यवाही भी शुरू हो गई।
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चक्कर कोर्ट स्थित डीआरटी के पीठासीन अधिकारी एएस नारंग हैं। डीआरटी कोर्ट महीने के तीसरे सप्ताह में बैठेगी। इसके शुरू होने से प्रदेश में बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुड़े ऋण वसूली के मामलों के पक्षकारों को राहत मिलेगी। अभी तक ऐसे मामलों के लिए चंडीगढ़ स्थित अधिकरण पर निर्भर रहना पड़ता था। उद्घाटन अवसर पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल विकास भारद्वाज, जिला एवं सत्र न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी समेत अन्य न्यायाधीश मौजूद रहे। शिमला बार एसोसिएशन के प्रधान हिमांशु पंवार, उपप्रधान एसएस रोच, सचिव अनुज तंवर, संयुक्त सचिव डिंपल समेत अन्य अधिवक्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए।