भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि सरकारें तालमेल और समन्वय से चलती हैं, न कि प्रतिशोध की भावना से। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिभाषण में हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की कोई ठोस योजना नहीं दिखती। परमार ने कहा कि सरकार अपनी नाकामियों का ठीकरा भाजपा पर फोड़ रही है, जबकि देशभर में भाजपा के कामकाज के दम पर कमल खिल रहा है और प्रदेश में भी जल्द बदलाव दिखेगा। उन्होंने ऑपरेशन लोटस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा इस तरह की राजनीति में विश्वास नहीं करती। कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से चल रही योजना का नाम बदलने की जब दिन के उजाले में हिम्मत नहीं हुई तो रात के अंधेरे में ही योजना का नाम बदलने का काम किया। केंद्र द्वारा प्रदेश को सपोर्ट करने के बजाए पीछे धकेलने का काम किया जा जा रहा और विपक्ष भी मौन है। भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि राज्यपाल ने जो अभिभाषण दिया हैं, उसके विपरित ये सरकार चल रही है। स्वास्थ्य क्षेत्र में केवल मशीनें खरीदने पर जोर है। जो प्राइमरी चीजें डाक्टर को चाहिए, वे नहीं मिल रहे है। सत्ती ने ऊना से जुडे कई मामलों का उल्लेख करते हुए कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा।
कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल ने कहा कि 50 पेज का अभिभाषण था जो 2 या ढाई मिनट में खत्म हो गया। इससे पहले भी ऐसा हुआ है, जब अभिभाषण पूरा नहीं पढा गया। बुटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार विपरीत परिस्थिति में काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ देने की बात कही लेकिन अभी तक नहीं मिला। भाजपा विधायक ब्रिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि अभिभाषण में सच्चाई कहीं नजर नहीं आ रही है। व्यवस्था परिवर्तन, आत्मनिर्भर और सबसे अमीर राज्य जैसे शब्द कहीं नजर नहीं आ रहे है। उन्होंने कहा कि न तो प्रदेश आत्मनिर्भर की तरफ बढ़ता नजर आ रहा है और न ही अपने पांव पर खडे होता दिख रहा है। बार-बार केवल रोबोटिक सर्जरी की बात हो रही है। उन्होंने कहा कि 10 करोड़ की मशीन 28 करोड़ में ले रहे है। इसकी जांच होनी चाहिए। विक्रम ठाकुर ने कहा कि जो विधायक भाजपा में आए है, वे अपनी मर्जी से आए है। भाजपा ने कोई आपरेशन लोटस नहीं किया। आपके विधायक खुद परेशान होकर इस तरह आए है। उन्होंने कहा कि कुछ और भी आना चाहते है लेकिन यहां पर हाउस फुल है। भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि अभिभाषण में सांविधानिक ढ़ांचे के खिलाफ टिप्पणियां थी। राज्यपाल ने इसे ना पढ़कर ठीक किया।