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धर्मशाला: पेंपा सेरिंग बोले- तिब्बत और चीन विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालना प्राथमिकता

Wed, 27 May 2026 09:34 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।

सार

हाल ही में संपन्न चुनाव में दोबारा निर्वाचित होने के बाद उन्होंने मैक्लोडगंज स्थित चुगलाखंग बौद्ध मठ में समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
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दूसरी बार निर्वासित तिब्बत सरकार के पीएम पद की शपथ लेने के बाद पेंपा सेरिंग दलाईलामा से मिले। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में पेंपा सेरिंग ने बुधवार को दूसरी बार शपथ ग्रहण की। हाल ही में संपन्न चुनाव में दोबारा निर्वाचित होने के बाद उन्होंने मैक्लोडगंज स्थित चुगलाखंग बौद्ध मठ में समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। समारोह में तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा विशेष रूप से मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के बाद पेंपा सेरिंग ने कहा कि दूसरी बार जिम्मेदारी मिलने के बाद उनकी प्राथमिकता तिब्बत-चीन विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकालना होगी। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहयोग की अपील की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत सहित विभिन्न देशों में रह रहे तिब्बतियों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उनकी सरकार का अहम लक्ष्य रहेगा। पेंपा सेरिंग ने कहा कि भारत के 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में बड़ी संख्या में तिब्बती समुदाय रह रहा है। इसके अलावा विदेशों में भी तिब्बती आबादी निवास कर रही है। ऐसे में प्रशासन को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने की जरूरत है।

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धर्मगुरु के पुनर्जन्म मामले में चीन को नहीं करना चाहिए हस्तक्षेप : पीएम

धर्मगुरु के पुनर्जन्म को लेकर चीन की ओर से किए जा रहे दावों पर पेंपा सेरिंग ने कहा कि यह पूरी तरह धार्मिक आस्था का विषय है। जिस देश को धार्मिक मान्यताओं पर विश्वास ही नहीं है उसे इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। धर्मगुरु के पुनर्जन्म की परंपरा तिब्बती बौद्ध संस्कृति की विशिष्ट पहचान है। यह व्यवस्था अन्य बौद्ध देशों में नहीं पाई जाती और इससे जुड़े निर्णय तिब्बती समुदाय की धार्मिक परंपराओं एवं आस्था के आधार पर ही तय होंगे।
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