आंगनबाड़ी केंद्रों में 376 कार्यकर्ता, 935 सहायिकाओं की कमी
प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था पर कर्मचारियों की कमी का असर पड़ रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के 376 और सहायिकाओं के 935 पद रिक्त चल रहे हैं। इसके अलावा सुपरवाइजर के भी 246 पद खाली हैं। यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने विधानसभा में विधायक हरदीप सिंह बावा के सवाल के लिखित जवाब में दी। मंत्री के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में 511 सुपरवाइजर, 18,549 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 17,990 आंगनबाड़ी सहायिकाएं कार्यरत हैं।
तीन साल में कई बार बढ़े दाल, तेल और चीनी के दाम
तीन साल में कई बार बढ़े दाल, तेल और चीनी के दामशिमला। हिमाचल प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और राज्य विशेष अनुदानित योजना के तहत मिलने वाले राशन पर भी महंगाई का असर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले तीन वर्षों में दालों, खाद्य तेल और चीनी के दामों में कई बार बढ़ोतरी हुई है। विधायक त्रिलोक जमवाल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि बाजार दरों में उतार-चढ़ाव, कच्चे माल की उपलब्धता, मांग और आपूर्ति की स्थिति तथा ई-टेंडरिंग के माध्यम से होने वाली खरीद के कारण राशन सामग्री के दाम समय-समय पर बढ़ाने पड़े। राज्य के लाखों राशन कार्डधारकों को आज भी बाजार की तुलना में सस्ती दरों पर दालें, खाद्य तेल, नमक, चीनी, चावल और गेहूं उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके बावजूद कई वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चना दाल, उड़द दाल और मलका दाल के दामों में कई चरणों में बढ़ोतरी की गई। वर्ष 2025 में चना दाल के मूल्य में एक बार में 27 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि उड़द दाल और मलका दाल के दामों में भी कई बार संशोधन किया गया। खाद्य तेलों में सबसे अधिक उछाल देखने को मिला। फोर्टिफाइड सरसों तेल और सोया रिफाइंड तेल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हुई। वर्ष 2025 में सरसों तेल के दामों में 23 रुपये प्रति किलो और सोया तेल में 37 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बाद के महीनों में भी इनके दाम बढ़ते रहे। चीनी के दामों में भी समय-समय पर संशोधन किया गया। विभिन्न श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए वर्ष 2023 से 2026 के बीच कई बार कीमतें बढ़ाई गईं, जिससे राशन कार्डधारकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा।