बैठक को संबोधित करते हुए यूको बैंक के प्रबंध निदेशक एवं कार्यकारी निदेशक राजेंद्र कुमार साबू ने कहा कि सभी हितधारकों का प्रयास होना चाहिए कि समय पर और पर्याप्त बैंक ऋण समाज के हर वर्ग और प्रदेश के हर क्षेत्र तक पहुंचे। उन्होंने वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बैंक और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। सचिव वित्त डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने के लिए बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट नेटवर्क को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समिति की बैठकें केवल बैंकिंग प्रदर्शन की समीक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इनमें व्यावहारिक, मापनीय और क्रियान्वयन योग्य रणनीति तैयार होनी चाहिए, ताकि ऋण वितरण, रोजगार, आजीविका और वित्तीय समावेशन को जमीन पर मजबूती मिल सके।
आरबीआई शिमला के क्षेत्रीय निदेशक पीएस खुआल ने कहा कि हिमाचल जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में दूरदराज के क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के लिए बीसी नेटवर्क महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बैठक में हिमाचल का गौरव कार्यक्रम खास आकर्षण रहा। इसमें सफल लाभार्थियों और प्रदेश के विशिष्ट नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि समय पर बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं, कौशल विकास और वित्तीय सहयोग ने किस तरह आजीविका के अवसर बढ़ाने और उद्यम खड़े करने में मदद की। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के एक लाभार्थी को दावा राशि का चेक भी प्रदान किया गया। इससे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार और आम परिवारों को वित्तीय सुरक्षा देने में बैंकों की भूमिका को रेखांकित किया गया। समिति के संयोजक कमल शर्मा ने कहा कि ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और रोजगार सृजन को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयासों को नई दिशा मिलेगी।