संशोधन लागू होने के बाद कंपोजिट शुल्क की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी
अभी अन्य राज्यों से हिमाचल आने वाले व्यावसायिक वाहनों से कंपोजिट शुल्क के साथ विशेष पथकर (एसआरटी) लेने की व्यवस्था है। यह शुल्क राज्यों के प्रवेश द्वारों पर परिवहन विभाग की ओर से लिया जाता है। ऑनलाइन माध्यम से भी टैक्स जमा करने की सुविधा है। प्रस्तावित संशोधन लागू होने के बाद कंपोजिट शुल्क की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। संबंधित वाहनों से केवल एसआरटी लिया जाएगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन ओंकार शर्मा ने हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकल (अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 का ड्राफ्ट अधिसूचित किया है। यह संशोधन मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 96 की उपधारा (2) और धारा 212 की उपधारा (1) के तहत प्रस्तावित किया गया है। ड्राफ्ट में हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकल रूल्स,1999 से नियम 69-ए हटाने का प्रावधान है। संशोधित नियमों का नाम हिमाचल प्रदेश मोटर व्हीकल (अमेंडमेंट) रूल्स, 2026 होगा।
क्या है नियम 69-ए
नियम 69-ए के तहत दूसरे राज्य की स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से ऑल इंडिया परमिट प्राप्त पर्यटक वाहनों के हिमाचल में संचालन पर निर्धारित कंपोजिट शुल्क लिया जाता है। यह व्यवस्था मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 88(9) से जुड़े ऑल इंडिया परमिट वाले वाहनों पर लागू होती है। नियम के तहत कंपोजिट शुल्क जमा किए बिना वाहन के राज्य में संचालन पर देय शुल्क के पांच गुना के बराबर अतिरिक्त शुल्क वसूलने का प्रावधान भी था।
ये दरें थी कंपोजिट शुल्क की
- 13 से 32 सीटर सामान्य /डीलक्स बस–2,500 प्रतिदिन
- 32 से अधिक सीट वाली बस – 3,500 प्रतिदिन
- वोल्वो, मर्सिडीज जैसी लग्जरी एसी बस – 5,000 प्रतिदिन
- 7-8 सीटर वाहन – 300 प्रतिदिन
- 9-12 सीटर वाहन – 500 प्रतिदिन
- 4-6 सीटर वाहन – 200 प्रतिदिन