सुखी परिवार योजना के लिए बड़ी घोषणा
मुख्यमंत्री ने उन्होंने अपना परिवार सुखी परिवार योजना की पात्रता में बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए मनरेगा में एक दिन काम करने की अनिवार्य शर्त हटाई जाएगी। परिवार की आय सीमा को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 21 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बल्ह विधानसभा क्षेत्र के लिए कई विकासात्मक घोषणाएं भी कीं। उन्होंने नेरचौक में जल शक्ति विभाग और विद्युत बोर्ड के डिवीजन तथा डीएसपी कार्यालय खोलने की घोषणा की। उन्होंने बल्ह क्षेत्र में सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं के लिए तीन करोड़ रूपये देने की घोषणा भी की। उन्होंने डंपिंग साइट के लिए 1 करोड़ रुपये, कंसा स्टेडियम की मरम्मत के लिए 50 लाख तथा लोक निर्माण विभाग की सड़कों की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए तीन करोड़ रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने रिडू, नालू तथा सरयाड सड़क को पक्का करने के लिए 60 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित महिला मंडलों के लिए 35-35 हजार रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने गुरकोटा में आगामी शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई स्कूल खोलने की घोषणा की।
पुलिस कांस्टेबलों के 800 पद जल्द भरे जाएंगे: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जल्द ही पुलिस कांस्टेबलों के 800 पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 23 करोड़ रुपये की लागत से एमआरआई मशीन स्थापित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के समय प्रदेश के अस्पतालों में करीब 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था, जिसे वर्तमान सरकार ने बढ़ाकर लगभग 60 प्रतिशत किया है और आने वाले समय में इसे 80 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में 23 करोड़ की एमआरआई मशीन का शुभारंभ
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नेरचौक स्थित लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में 23 करोड़ रुपये लागत की एमआरआई मशीन और 2.29 करोड़ रुपये के टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर, लाईनेक एवं सीटी-सिम्यूलेटर मशीन का शुभारंभ किया। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में 51 करोड़ रुपये की पीईटी स्कैन मशीन ब्लॉक की आधारशिला भी रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय में फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड लैब्स स्थापित की जा रही हैं। इन लैब्स के माध्यम से एक ही सैंपल से कई प्रकार के टेस्ट किए जा सकेंगे, जिससे मरीजों को बार-बार सैंपल देने की आवश्यकता नहीं होगी और जांच प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक एवं प्रभावी बनेगी। कहा कि आईजीएमसी शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है। आईजीएमसी में पीईटी स्कैन के लिए प्रतीक्षा अवधि करीब एक महीने है। जबकि एम्स दिल्ली में इसके लिए मरीजों को करीब चार महीने तक इंतजार करना पड़ता है।उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में आईसीयू की क्षमता बढ़ाने की भी बात कही। कहा कि आईसीयू में 25 से 30 अतिरिक्त बेड स्थापित किए जाएंगे, जिससे गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता में वृद्धि होगी। कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष प्रदेश में पीजी की 320 सीटें बढ़ाने जा रही है। कहा कि टांडा चिकित्सा महाविद्यालय के साथ नेरचौक चिकित्सा महाविद्यालय में भी एसआरशिप शुरू करवाई गई है।