तीन साल बाद सरकार की योजनाएं धरातल पर दिखना शुरू हो गई हैं। आने वाले समय में व्यवस्था परिवर्तन नजर आएगा। सीएम ने कहा कि सरकार तमाम फैसले प्रदेश हित में ले रही है। लोगों को सुविधा देने वाले फैसलों में अगर नियम और कानून में अड़चन आती है तो वह उन्हें बदलने में गुरेज नहीं करेंंगे। गांव के किसानों, युवाओं के रोजगार और महिलाओं के सम्मान में जो भी अड़चनें आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा।
नए वर्ष के पहले दिन वीरवार को ओक ओवर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में सीएम सुक्खू ने कहा कि चालीस साल पुरानी व्यवस्था बदली जा रही है। फैसले लेने के बाद कई बार लोगों को कष्ट हुआ होगा। सरकार ने कई अच्छे फैसले लिए हैं। थोड़े वक्त के लिए कष्ट होता है। आंवले को शुरू में चबाते हैं तो उसका स्वाद थोड़ा सा कड़वा होता है। धीरे-धीरे मीठा होने लगता है। तीन साल बाद इसका नजर आने लगा है। फैसले नहीं लेता तो यह बदलाव नजर न आता।
प्रदेश में नीतिगत बदलाव करने होंगे, अगर 2027 में आत्मनिर्भर बनना है। कुछ लोगों को विशेषकर कुछ अर्थशािस्त्रयों बार लगता होगा कि 2032 में प्रदेश कैसे अमीर राज्य बनेगा। भ्रष्टाचार के चोर दरवाजों का आम लोगों को पता नहीं लगता है। उन्हें बंद करना ही सरकार का उद्देश्य है। समाज के 75 लाख लोगों के लिए इससे योजनाएं लाई जानी हैं। तीन साल पहले व्यवस्था परिवर्तन को लेकर सोचा गया था, उसके अनुसार नीति में बदलाव किया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने धर्मपत्नी एवं देहरा से विधायक कमलेश ठाकुर के साथ वीरवार को लोक भवन पहुंच कर राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला को नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल और सीएम ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और समग्र विकास की कामना की।