वीरवार को शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में सुक्खू ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में राज्य सरकार आपदा राहत के लिए कहीं भी जाने को तैयार है। वह चाहते हैं कि आपदा प्रभावित परिवार जिनकी जमीनें और बगीचे बह गए हैं, उनके लिए कम से कम पांच बीघा जमीन वन अधिकार अधिनियम के तहत देने की अनुमति दी जाए। नई दिल्ली में बैठक कर उन्होंने आपदा से हुए नुकसान के संबंध में विस्तृत चर्चा की है और सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में कोई श्रेय नहीं चाहती है और नड्डा के नेतृत्व में आपदा प्रभावित लोगों के कल्याण के लिए प्रदेश हित के मुद्दे उठाने को तैयार है। सीएम ने कहा, राज्य सरकार हाल ही में आई आपदा के कारण प्रभावित परिवारों के लिए मंत्रिमंडल में विचार-विमर्श के बाद शीघ्र ही आपदा राहत पैकेज की घोषणा करेगी।
सुक्खू ने कहा कि शिमला के भट्ठाकुफर में जमींदोज हुए भवन के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। गडकरी से आग्रह किया है कि नेशनल हाईवे के निर्माण में स्थानीय इंजीनियरों की भी मदद ली जाए। उन्होंने भुभूजोत टनल परियोजना सहित महत्वपूर्ण अधोसंरचना निर्माण की परियोजनाओं में तेजी लाने का आग्रह किया है। कहा कि राज्य सरकार के पास सीमित संसाधन हैं, इसलिए प्रदेश सरकार ने केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग की है। अभी बरसात के काफी दिन शेष हैं और प्रदेशवासियों को इस दौरान सतर्क रहने की आवश्यकता है।