मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सदन में संबोधित करते हुए।
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हिमाचल के पर्यटन जिला कांगड़ा में विश्व स्तरीय पर्यटन को विकसित किया जाएगा। प्रदेश सरकार को अगर जरूरत पड़ी तो इसके लिए निजी भूमि का भी अधिग्रहण किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यह जानकारी विपिन सिंह परमार की ओर से नियम 63 के चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की 114 हेक्टेयर भूमि को पर्यटन विभाग को न दिए जाने के संबंध में हस्तक्षेप करते हुई दी।
उन्होंने कहा कि पालमपुर कृषि विश्वविद्यालय जहां से पर्यटन विभाग को जमीन ली जा रही है, यहां कोई कैसीनो नहीं खोला जाएगा, बल्कि विश्व स्तरीय पर्यटन की व्यवस्था की जाएगी। मकसद, यहां 5 से 7 दिनों के लिए पर्यटकों को रोका जा सके। स्पष्ट किया कि चौधरी सरवन कुमार कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की बहुत सी जमीन का बेहतर उपयोग नहीं हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 10,000 बीघा में से केवल 1000 बीघा जमीन ली जा रही है। इसे लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए। जब सेंटर यूनिवर्सिटी बनेगी, तब आवश्यकता होगी तो और ज्यादा भूमि को अधिग्रहित किया जाएगा। कांगड़ा एयरपोर्ट के साथ भी निजी भूमि को अधिग्रहित किया जाएगा। कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय एक प्रसार केंद्र के रूप में लुधियाना कृषि विश्वविद्यालय की शाखा के तौर पर शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कमेटी बनाकर सारे पहलुओं पर विचार किया जाए, उसके बाद निर्णय लेने को कहा। मुख्यमंत्री सुक्खू से इस मामले में विस्तृत चर्चा की जाएगी। उन्होंने हाई पावर कमेटी गठित करने की भी बात कही। वहीं, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि पर्यटन और विश्वविद्यालय का आपस में कोई मेल नहीं है। विश्वविद्यालय में शांति का माहौल आवश्यक होता है, जबकि पर्यटन के लिए वैसा माहौल नहीं होता है। इसलिए वहां पर इस तरह की गतिविधियां न की जाएं।