मछली के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी मिलेगा: सुक्खू
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना से मछुआरा परिवार सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीवन जी सकेंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार ने मछली के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी प्रदान किया है। यदि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद नहीं किया गया होता तो हिमाचल प्रदेश वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर बन सकता था। इसके बावजूद प्रदेश को आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश को वर्ष 1952 से आरडीजी मिल रही थी, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा इसे बंद किए जाने के कारण राज्य को प्रति वर्ष लगभग 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो रहा है।
आपदा में 23,000 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 की विनाशकारी आपदा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौरान लगभग 23,000 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए और 900 से अधिक लोगों की जान गई। राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों को नया घर बनाने के लिए दी जाने वाली वित्तीय सहायता को 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये किया और अब इसे बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की मंशा स्पष्ट है और सरकार पूरी ईमानदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद करने का काम किया है और जनता के कल्याण के लिए नीतियां तैयार की जा रही हैं।
पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ: सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। सोलन जिले के बद्दी क्षेत्र में करीब 5,000 बीघा जमीन भाजपा के करीबी उद्योगपतियों को कस्टमाइज्ड पैकेज के अंतर्गत बिना पंजीकरण के आवंटित की गई। राज्य सरकार इन जमीन आवंटनों को रद्द करने पर विचार कर रही है। यदि आवंटित जमीन पर कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है, तो उसका आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। पिछली भाजपा सरकार के दौरान लागू हिमकेयर योजना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरुषों के अंडाशय के ऑपरेशन के बिल तैयार किए गए, जो एक बड़े घोटाले की ओर संकेत करता है।
156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले: सीएम
सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार विद्यार्थियों को उनके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए शिक्षा क्षेत्र में कई सुधार कर रही है। प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। इसके अलावा, स्कूलों में शिक्षकों के 6,000 नए पद भरे गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में केवल 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था। वर्तमान राज्य सरकार ने 31 दिसंबर 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 90 प्रतिशत चिकित्सा, पैरामेडिकल और अन्य सहायक स्टाफ की तैनाती का लक्ष्य रखा है, ताकि लोगों को प्रदेश के भीतर ही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण किया
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने जसवां-परागपुर क्षेत्र के बाड़ी में 95 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कई अन्य विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें 1.80 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डाडासीबा के विज्ञान खंड की आधारशिला भी शामिल हैं। इसके अलावा, जसवां-परागपुर क्षेत्र में 4.85 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न सड़क कार्यों तथा 37 लाख रुपये की लागत से अलोह में स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन के निर्माण की आधारशिला भी रखी गई। राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय देश के कई हिस्सों की तुलना में बेहतर है। विधायक संजय रतन ने कहा कि राज्य सरकार विकास के नए मानदंड स्थापित कर रही है। पहली बार किसी सरकार ने मछली पालकों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया है। कांग्रेस नेता सुरेंद्र मनकोटिया ने कहा कि इससे पहले किसी भी सरकार ने मछली पालकों को पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जिनमें से अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से संबंधित हैं। विधायक कमलेश ठाकुर, पूर्व विधायक योगराज, महाधिवक्ता अनूप रतन, विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।
सीएम सुक्खू बोले- गंगा की तर्ज पर नादौन में ब्यास पर 250 करोड़ से बनेगा भव्य घाट
ब्यास नदी के किनारे नादौन पुल के पास लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से एक नया घाट भी विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही बस स्टैंड नादौन को भी स्तरोन्नत किया जाएगा, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। यहां पर बेहतर दुकानें भी दुकानदारों को उपलब्ध करवाई जाएंगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार शाम को नादौन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के नए भवन की आधारशिला रखने के बाद यह बातें कहीं। इस भवन का निर्माण 17.52 करोड़ की लागत से किया जाएगा। स्कूल भवन में छह कक्षाएं, सात प्रयोगशालाएं, दो स्टाफ रूम, प्रधानाचार्य कार्यालय, बिजली कक्ष, एनएसएस कक्ष, सम्मेलन कक्ष, पुस्तकालय, नियंत्रण कक्ष, संगीत कक्ष, नृत्य कक्ष और कला कक्ष सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भावी स्कूल भवन काफी पुराना हो चुका है और नए परिसर का निर्माण इस वर्ष दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया स्कूल परिसर आधुनिक, विशाल और आकर्षक होगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
30 सितंबर तक अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी: सुक्खू
उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती पूरी तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर की जा रही है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 30 सितंबर तक अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने ने कहा कि हमीरपुर जिले में एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसके लिए लगभग 74 बीघा भूमि चिन्हित की गई है और संस्थान के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए हिमाचल प्रदेश देश के पांच शॉर्टलिस्ट किए गए राज्यों में शामिल है। शिलान्यास के बाद छह बजे के करीब सीएम सुक्खू ने खरीड़ी मैदान में निर्माणाधीन इंडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि नादौन में एक अत्याधुनिक खेल परिसर भी विकसित किया जा रहा है, जहां लगभग 14 इनडोर खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सरकार खेल पर्यटन को बढ़ावा देकर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके बाद उन्होंने नादौन और सेरा में जनसमस्याएं भी सुनी।