चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा के बाल रोग विभाग में नौ दिन बाद भी दो बाल रोग विशेषज्ञों ने ज्वाइन नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार ये विशेषज्ञ चंबा में नौकरी करने के लिए तैयार ही नहीं हैं।
ऐसे में बाल रोग विभाग में चल रही विशेषज्ञों की कमी दूर नहीं हो पाएगी। इस समय दो विशेषज्ञ इस विभाग को चला रहे हैं। इसके चलते बीमार बच्चों के इलाज में देरी हो रही है। विशेषज्ञों को सुबह वार्ड में राउंड के बाद ओपीडी में जाना पड़ता है। इसके अलावा जब कोई इमरजेंसी आ जाए तो उन्हें ओपीडी छोड़नी पड़ती है। जबकि रूटीन में एक ही विशेषज्ञ ओपीडी में बैठता है। बीमार बच्चों को इलाज के लिए घंटों लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है। सुबह से लेकर शाम तक ओपीडी के बाहर बीमार बच्चों की लाइनें लगी रहती हैं।
21 जुलाई को सरकार ने आईजीएमसी और टांडा मेडिकल कॉलेज से पीजी करने वाले 10 विशेषज्ञों के चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए ऑर्डर किए थे। इसमें से कुछ विशेषज्ञों ने ही चंबा में ज्वाइन किया है। जबकि विशेषज्ञों की भारी कमी से जूझ रहे बाल रोग विभाग में कोई विशेषज्ञ नहीं आया है। ऐसे में प्रबंधन के लिए यह विभाग चलाना मुश्किल होता जा रहा है। जिला भर के लोग अपने बीमार बच्चों का इलाज करवाने के लिए मेडिकल कॉलेज पर निर्भर हैं।
सरकार को दी जानकारी
बाल रोग विभाग में कोई नए विशेषज्ञ ने ज्वाइन नहीं किया है। इस बारे में सरकार को अवगत करवा दिया गया है। सरकार जलद ही चंबा में विशेषज्ञों की तैनाती कर सकती है।
डॉक्टर रमेश भारती, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज चंबा