साहो (चंबा)। मौसम की बेरुखी से किसानों-बागवानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। समय पर बारिश न होने से किसानों के खेतों में ही गेहूं, लहसुन और प्याज की फसल पूरी तरह सूख चुकी है। इससे अब उन्हें भविष्य की चिंता सताने लगी है।
बागवानों का कहना है कि सर्दियों में पर्याप्त बारिश और बर्फबारी हुई। सेब के पेड़ों पर फूल भी बेहतरीन अंकुरित हुए। उन्हें बंपर फसल की उम्मीद बंधी थी लेकिन सूखे ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया।
गौरतलब है कि जिले की 75 प्रतिशत जमीन पर ग्रामीण खेतीबाड़ी कर अपने परिवारों का भरण-पोषण करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई की उपयुक्त व्यवस्था न होने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। विकास खंड मैहला के तहत कीड़ी, लग्गा, साहो, कुड़था, परौथा, अठलुई, भाला, सराहण और संगेरा में समय पर बारिश न होने से गेहूं, लहसुन और प्याज की फसलें सूख गई हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सूखे की मार से इस मर्तबा उन्हें बीज तक के पैसे भी वसूल नहीं होंगे।
किसान राकेश कुमार, नरेश कुमार, प्रताप चंद, अशोक कुमार, नरेंद्र सिंह, कमलेश कुमार, राज कुमार, इंद्रा देवी, आरती देवी आदि ने बताया कि मौसम की मार ने किसानों-बागवानों की कमर तोड़ दी है। कहा कि साहो जातर के समय ग्रामीण खेतों में गेहूं कटाई के बाद खेतों को मक्की बीजने के लिए तैयार करते थे लेकिन इस बार खेतों में नमी न होने से मक्की नहीं बीजी जा सकती है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने की मांग की है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने कहा कि जिन किसानों ने अपनी फसलों का बीमा करवाया है उन्हें अवश्य नुकसान का मुआवजा मिलेगा। सरकार, प्रशासन और कृषि विभाग किसानों को बार-बार फसलों का बीमा करवाने के बारे में जागरूक कर रहे हैं।