चमेरा-एक बांध का जलस्तर नीचे जाने से ग्राम पंचायत चकलू के 15 गांवों में पानी के लिए हाहाकार मच गया है। चकलू पंचायत के कोतवाली, भुडव, फतूंई, घरैड, सोकडू, कडोघ, कलूंई, चमडाह, पंदियालू, टिपरा, रहीण, भटोत, उसासण, भरंगोड़ी गांव को पानी की सप्लाई चमेरा-एक के बांध से दी गई है। लेकिन पिछले कई दिनों से बांध का स्तर काफी नीचे पहुंच चुका है।
इसके अलावा पानी को खींचने वाले पंप काफी पुराने और क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जिससे गांव के लिये पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। नतीजतन ग्रामीणों को डेढ़ किमी की दूूूरी तय करके हैंडपंप से पानी लाना पड़ रहा है। गांव की पानी की सप्लाई प्रभावित होने से ग्रामीणों को अपने मवेशियों को पानी पिलाने के लिये बांध के किनारे जाना पड़ रहा है। जो कि काफी खतरनाक साबित हो सकता है। ग्रामीणों में रविंद्र, मनोज, सुभाष, कुलदीप, राम स्वरूप, अशोक, कैलाश, बाल कृष्ण, दीपक, सुरजीत, विजय, नरेश, धर्म सिंह, किशन और टेक चंद ने बताया कि आईपीएच विभाग के अधिकारी को कई बार बांध से ज्यादा मात्रा में पानी खिंचने वाले पंप लगाने के लिए अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन अभी तक पंप की क्षमता को नहीं बढ़ाया जा सका है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बांध निर्माण के लिए स्थानीय लोगों ने अपनी जमीन दी थी जबकि ग्रामीणों को बांध से पानी लेने के लिए काफी परेेेशानी उठानी पड़ रही है।
उधर, सहायक अभियंता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि चमेरा बांध से पानी खींचने वाले पंप की क्षमता कम है। विभाग द्वारा बांध से पानी खींचने के लिए नए पंप लगाने की व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही ज्यादा पानी खींचने वाले पंप की व्यवस्था कर दी जाएगी।