मेडिकल कॉलेज शुरू न होने से गुस्साए चंबावासी वीरवार को सड़क पर उतर आए। साझा मोर्चा के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में हर वर्ग और उम्र के लोग शामिल हुए। राजनीति से ऊपर उठकर लोगाें ने एक साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सुबह पहले शिकायत निवारण समिति की अध्यक्ष और डलहौजी की विधायक आशा कुमारी से इस मुद्दे पर बात करनी चाही। साझा मोर्चा को उम्मीद थी कि आशा कुमारी इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री से बात करेंगी और सकारात्मक जवाब देंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और विधायक के जवाब से असंतुष्ट आंदोलनकारियों ने पूरे शहर में रैली निकालकर बचत भवन का घेराव कर दिए। प्रदर्शनकारी करीब तीन घंटे तक बचत भवन के बाहर डटे रहे।
इस बीच प्रदर्शनकारियों को मनाने के लिए एसडीएम चंबा बचन सिंह बैठक छोड़कर दो बार बाहर आए, लेकिन लोगों ने उनके आह्वान पर भी प्रदर्शन बंद नहीं किया। साझा मोर्चा में शामिल लोग मांग कर रहे थे कि उन्हें शिकायत निवारण समिति की बैठक में जाने दिया जाए या फिर आशा कुमारी खुद बाहर आकर उनसे बातचीत करें। इस दौरान उन्होंने आशा कुमारी और स्वास्थ्य मंत्री मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। साझा मोर्चा की अगुवाई कर रहे पीसी ओबराय, ब्राह्मण प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष विनय शर्मा, अनूप महाजन समेत अन्य ने बताया कि चंबा को मेडिकल कॉलेज की ज्यादा जरूरत है, यहां के लोगों को तीन साल से सब्जबाग दिखाए जा रहे हैं, लेकिन सरकार ने मेडिकल कॉलेज खोलने पर कोई पहल नहीं की। राज्य सरकार पूरे जोर-शोर से नाहन में मेडिकल कॉलेज खोलने पर अड़ी है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार इस सत्र से चंबा में मेडिकल कॉलेज खोलने का ऐलान नहीं करेगी, प्रदर्शन जारी रहेगा।
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छुट्टी पर चल रहे विशेषज्ञों के लाइसेंस रद्द हों : मोर्चा
साझा मोर्चा ने चंबा अस्पताल से छुट्टी लेकर निजी क्लीनिक चला रहे विशेषज्ञ चिकित्सकों के लाइसेंस रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि चंबा अस्पताल के चार डॉक्टर निजी तौर पर सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से छुट्टियां ले रखी हैं। कागजों में उनके पद भरे होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग नई तैनाती भी नहीं कर रहा है और उनकी वजह से कई लोगों को अब तक अपनी जान गंवानी पड़ी है।
समिति की बैठक में उठा है मसला : एसडीएम
एसडीएम बचन सिंह ने बताया कि शिकायत निवारण समिति की बैठक में मेडिकल कॉलेज और विशेषज्ञ चिकित्सकों के अवकाश पर होने के मसले उठे हैं और सरकार की तरफ से उनका जवाब भी दिया गया है। यह फाइल जल्द ही स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएगी, ताकि तुरंत कार्रवाई अमल में लाई जा सके।
शांति बनाए रखें लोग : एसपी
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र तोमर ने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त पुलिस बल बचत भवन के बाहर तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारी उग्र थे, लेकिन कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों से शांति बनाए रखने की मांग की जा रही है।
सरकार को भेजे हैं इनपुट : उपायुक्त
उपायुक्त सुदेश मोख्टा ने बताया कि सरकार की तरफ से जो भी निर्देश प्रशासन को मिले हैं समय-समय पर उन्हें पूरा किया गया है। मेडिकल कॉलेज को लेकर सभी जरूरी इनपुट सरकार को भेजे जा चुके हैं।
छावनी बना रहा बचत भवन
आंदोलन उग्र होता देख पुलिस ने बचत भवन के बाहर पुलिस का भारी बंदोबस्त कर लिया। दोपहर डेढ़ बजे के बाद पुलिस, एसपीओ और गृह रक्षकों को बचत भवन में बुला लिया गया था। प्रदर्शनकारी आशा कुमारी के बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन करीब साढ़े तीन बजे तक बचत भवन से कोई बाहर नहीं निकला और दोपहर 12 बजे से बचत भवन के बाहर डटे लोग लंबा इंतजार कर लौट गए।