चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा में वीरवार को दो घंटे तक नवजात शिशुओं का टीकाकरण नहीं हो पाया। सुबह करीब 11 बजे नवजात शिशुओं को टीका लगवाने के लिए तैनात स्टाफ के मौके से चले जाने से इस प्रकार की समस्या हुई। आखिरकार, टीकाकरण कक्ष के बाहर अभिभावकों की भीड़ टीकाकरण न होने से भड़क गई। उसके बाद अभिभावक एमएस से मिले और उन्हें समस्या से अवगत करवाया। एमएस ने स्थिति का जायजा लेने के बाद नया स्टाफ तैनात कर नवजात शिशुओं के टीकाकरण की व्यवस्था करवाई।
गौरतलब है कि नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभिन्न रोग प्रतिरोधक क्षमता के टीके लगाए जाते हैं। बावजूद इसके वीरवार को मेडिकल कॉलेज चंबा में स्थित टीकाकरण केंद्र में अव्यवस्था का आलम देखने को मिला। टीकाकरण केंद्र में दो घंटे तक टीकाकरण नहीं हो पाया। ऐसे में दूरदराज के क्षेत्रों से अपने नवजात शिशुओं को टीका लगवाने के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी हुई। अभिभावकों के मुताबिक टीकाकरण केंद्र में उन्हें किसी ने भी कोई जानकारी नहीं दी। देखते ही देखते टीकाकरण केंद्र के बाहर महिलाओं आरै पुरुषों की भीड़ एकत्रित हो गई। आखिरकार एमएस के मामले में हस्तक्षेपके बाद ही नवजात शिशुओं का टीकारण हो पाया।
अभिभावकों को हुई दिक्कत : कुलदीप
खुंदेल निवासी कुलदीप कुमार ने कहा कि शिशु टीकाकरण केंद्र में वह अपने शिशु को टीका लगवाने के लिए पहुंचे थे। काफी देर तक एक ही नर्स नवजात शिशुओं को टीका लगा रही थी लेकिन, बाद में वह भी वहां से चली गई। ऐसे में अभिभावकों को परेशानी हुई।
डेढ़ घंटे तक किया इंतजार : मुकेश
भरमौर निवासी मुकेश ने कहा कि वीरवार को टीकाकरण केंद्र के बाहर डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद भी नवजात शिशु को टीका नहीं लग पाया। उसके बाद एमएस के पास पहुंचने के बाद ही टीकाकरण हो पाया।
कोविड नियमों की हुई अनदेखी : विपिन
धरवाला निवासी विपिन कुमार ने कहा कि कोविड महामारी में लोगों की भीड़ एकत्रित होने पर पाबंदी लगाई गई है। ऐसे में वीरवार को टीकाकरण केंद्र में तैनात स्टाफ के न होने से लगने वाली भीड़ भी कोविड के संक्रमण को न्योता देती दिखी।
स्टाफ के अभाव में परेशानी : विक्की
विक्की कुमार निवासी धरवाला ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा में एक मात्र नर्स ही नवजात शिशुओं को टीका लगा रही थी। थोड़ी देर में वह भी चली गईं। स्टाफ के अभाव में वहां पहुंचे लोगों को भारी परेशानी हुई।
एमएस डॉ. मोहन सिंह ने बताया कि टीकाकरण केंद्र में दो नर्सें तैनात हैं। एक नर्स की तबीयत खराब होने के कारण वह अवकाश पर थी। जबकि, दूसरी नर्स टीकाकरण कर रही थी। कहा कि कुछ समय के लिए टीकाकरण में देरी हुई। अभिभावकों के उनके पास पहुंचने के बाद स्थिति का जायजा लेकर नवजातों का टीकाकरण करवा दिया गया।