चंबा। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी चंबा सुभाष चंद्र भसीन की अदालत ने चेक बाउंस मामले मेंं दोषी को दो साल का कारावास और 40 लाख मुआवजा अदा करने की सजा सुनाई है।
दोषी लोगों को पैसों को इनवेस्ट करने का परामर्श देने का कार्य करता है। मामले में एनएचपीसी से सेवानिवृत्त एक कर्मचारी को एनएचपीसी की ओर से वित्तीय लाभ मिले थे। इसकी जानकारी मिलने के बाद दोषी शिकायतकर्ता के पास पहुंचा और रकम को विभिन्न स्कीमों में इनवेस्ट करने की सलाह दी। साथ ही उसे भरोसा दिलाया कि उसकी ओर से बताई गई विभिन्न स्कीमों के तहत अच्छा रिटर्न मिलेगा। दोषी के कहने पर शिकायतकर्ता ने 30,00,000 रुपये दोषी की ओर से बताई गई विभिन्न स्कीमों में जमा करवा दिए। शिकायतकर्ता को पता चला कि किसी भी स्कीम के तहत कोई पैसा नहीं लगाया गया है। इसके बाद उसने उसका पैसा लौटाने की बात कही। दोषी ने उसे अपने बैंक का चेक शिकायतकर्ता को देते हुए कहा कि वे उसके खाते से पैसा ले सकता है। इसके बाद शिकायतकर्ता के बैंक में चेक लगाने पर उसे पता चला कि दोषी के खाते में पैसे नहीं हैं। लिहाजा चेक बाउंस हो गया। दोषी को इसके बारे में बताने पर वह उससे बहसबाजी करने लगा। आखिरकार शिकायतकर्ता ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में मामला दायर किया। इसके तहत मंगलवार को अदालत ने अहम फैसला सुनाया।