चंबा। चुराह उपमंडल के भड़ौगा गांव के वन काटुओं ने रात के अंधेरे में कैल का पेड़ काटा डाला। वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। रात के अंधेरे में काटकर गिराए इस पेड़ की चपेट में आने से पुगथला में स्थापित बिजली बोर्ड का 25 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर जल गया है।
इससे बिजली के डबल फेज तार, खंभा और इंसुलेटर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस कारण क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में चार दिन से अंधेरा छाया है। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने इसकी शिकायत तीसा पुलिस थाने में कर दी है। उधर, मामला सामने आने के बाद वन विभाग के अधिकारी निष्पक्षता से जांच कर वन काटुओं पर शिकंजा कसने की बात कह रहे हैं।
चुराह उपमंडल के पुगथला मुहाल जंगल में काटा गया पेड़ वन कारपोरेशन को आवंटित किया गया है। इसके आदेश भी जारी हो गए हैं। बीते दिनों रात के अंधेरे में वन काटु ने कैल के सूखे पेड़ को कटर से गिरा दिया। रात के अंधेरे में काटा गया यह पेड़ बिजली के तारों पर जाकर गिरा। इससे 25 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर जलने के कारण आधा दर्जन गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है।
ग्रामीणों में भूपेश कुमार, बलदेव, लालदीन, सफी मोहम्मद, रामचंद, बलदेव, केहर सिंह, विक्की और हरदयाल ने बताया कि काटा गया पेड़ बिजली के तारों पर गिरने से ट्रांसफार्मर जल गया है। चार दिन से उटेई, धुलाणी, पुखतला, हडोगा, डबी, बनयोट के 250 परिवार अंधेरे में गुजर-बसर कर रहे हैं।
उधर, डीएफओ रजनीश महाजन ने बताया कि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी से जानकारी लेकर ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।
वन रक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि वह क्षेत्र से बाहर हैं। ऐसा मामला ध्यान में आया है। टीम मौके पर भेजी गई है। वन काटुओं के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इधर, विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता अमित कुमार ने बताया कि पेड़ की जद में आने से ट्रांसफार्मर जल गया है। हाई वोल्टेज तार टूट गए हैं, इंसुलेटर भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कनिष्ठ अभियंता ने वन काटुओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत की है।