चंबा में सपड़ाह के पास मार्ग को बहाल करने में जुटी जेसीबी मशीन।संवाद
चंबा। जिले में भारी बारिश के चलते लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अभी भी जिला के 90 ट्रांसफार्मर बंद होने से सैंकड़ों गांवों के हजारों बाशिंदे अंधेरे में ही रहने को विवश हैं। वहीं, जिले में 21 मार्गों पर वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। 30 पेयजल योजनाएं भी बाधित चल रही हैं।
भारी बारिश के कारण जिला चंबा में बिजली बोर्ड को भारी नुकसान हुआ है। जिले में अभी भी 90 विद्युत ट्रांसफार्मरों से बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाई है। बिजली आपूर्ति कब बहाल होगी इसकी उन्हें कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही हैं। मोबाइल फोन भी चार्ज न होने से महज शोपीस बने हुए हैं। जिले के पांगी में 64, तीसा के 17, चंबा और सलूणी में 4-4 और भरमौर में एक विद्युत ट्रांसफार्मर बंद है।
शुक्रवार को भरमौर-पठानकोट हाईवे बत्ती दी हट्टी में अल सुबह भारी बारिश के चलते यातायात के लिए बंद पड़ गया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय टीम और मशीनरी ने सुबह 11:00 बजे बड़ी मशक्कत के बाद हाईवे वाहनों के लिए बहाल करवाया। तो वहीं, दूसरी ओर दोपहर बाद 2:00 बजे तुन्नूहट्टी, चैली के पास भारी भूस्खलन और चट्टानें गिरने से यातायात के लिए अवरुद्ध पड़ गया। देखते ही देखते हाईवे पर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गई।
सूचना मिलने के बाद विभागीय मशीनरी ने मौके पर पहुंच कर 3:00 बजे वाहनों के लिए सुचारू करवा कर लोगों को राहत दी। भूस्खलन और बार-बार पहाड़ों के दरकने से 21 मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थमी रही। इस कारण लोगों को परेशानियां उठानी पड़ी। भारी बारिश से उपमंडल सलूणी परिक्षेत्र में 30 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से ग्रामीणों को पानी के लिए मीलों पैदल चल पानी ढ़ोकर लाना पड़ रहा है।
उपायुक्त चंबा अपूर्व देवगन ने बताया कि जिला में पटरी से उतरी व्यवस्थाओं को सुचारू करने के लिए विभागीय टीमें फील्ड में जुटी हुई हैं। बताया कि जल्द व्यवस्थाओं को सुचारू करने का कार्य युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।