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Chamba News: इस बार जालंधर और जसूर के मिट्टी के दीये रोशन करेंगे घर

Thu, 16 Oct 2025 11:40 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चंबा शहर में मार्ग के साथ सजाई गई दुकानें।संवाद
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चंबा। दिवाली नजदीक आते ही जिले के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। इस बार चंबा के बाजारों में जालंधर और जसूर से आए रंग-बिरंगे मिट्टी के दीयों ने जगह बना ली है। वहीं, स्थानीय कुम्हारों द्वारा बनाए जाने वाले दीये अब बाजार से लगभग गायब हो गए हैं।
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स्थानीय उत्पादन की कमी और कमाई न होने की वजह से अब सिर्फ गिने-चुने कुम्हार ही यह परंपरागत कार्य कर रहे हैं। ऐसे में दीयों की मांग को पूरा करने के लिए व्यापारियों को बाहरी जिलों व राज्यों से दीये मंगवाने पड़ रहे हैं। वहीं, बाहरी राज्यों से पहुंचे चौमुखी, सादे दीये के दाम में 10 रुपये प्रति पीस की वृद्धि लोगों की जेब पर कैंची चलाती नजर आएंगी। मिट्टी का कुंभ पिछले साल 30 रुपये में बिका, जो अब 40 रुपये में मिल रहा है। चौमुखा दीया पिछले साल 10 रुपये में बिका, जो इस बार 20 रुपये का मिल रहा है। वहीं, छोटे सादे दीये के दाम 30 रुपये प्रति दर्जन रहे। अब इनकेे दाम 40 रुपये प्रति हो गए हैं। व्यापारियों के अनुसार, जीएसटी में कोई रियायत नहीं मिलने के कारण यह बढ़ोतरी सीधे ग्राहकों की जेब पर असर डाल रही है।

जसूर से दीये मंगवाए हैं। दीयों के दाम में 10 रुपये की वृद्धि हुई है और उसी हिसाब से ग्राहकों को बेचे जा रहे हैं। प्रदीप कुमार, दीया विक्रेता
अब लोग परंपरागत दीयों के बजाय रंग-बिरंगे सजावटी दीये ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में ग्राहक की मांग के अनुसार ही माल मंगवाया जाता है। संजीव कुमार, दीया विक्रेता
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अब स्थानीय कुम्हारों ने दीया बनाना लगभग बंद कर दिया है। वजह यही है कि इस काम में पहले जैसी आमदनी नहीं रही। इस बार जांलधर से दीये मंगवाए हैं। अजीत कुमार, दीया विक्रेता
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मिट्टी के दीयों पर कोई जीएसटी छूट नहीं है, जिस दाम में जसूर से दीये खरीदे गए हैं, उसी अनुपात में आगे बेचे जा रहे हैं। राजा, दीया विक्रेता
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