सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की छह पंचायतों की 12 हजार आबादी की प्यास बुझाने के लिए 11 करोड़ की उठाऊ पेयजल योजना बनाई जा रही है। इस योजना के तहत क्षेत्र की दूर दराज की पंचायतों में पेयजल किल्लत दूर होगी। साथ ही लोगों को पानी के लिए दर-बदर नहीं भटकना पड़ेगा।
क्षेत्र के दूरदराज इलाकों के लोग पानी की किल्लत से परेशान हैं। सर्दियों में पानी की इतनी किल्लत नहीं होती लेकिन गर्मियों में पानी का जुगाड़ करना मुश्किल हो जाता है। पानी के स्रोत सूखने से उन्हें दूसरे गांव में जाकर पीने के लिए पानी लाना पड़ता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। चमेरा बांध से पानी उठाकर लोगों के घरों में पहुंचाया जाएगा। पानी को फिल्टर करने के लिए गांवों में पेयजल भंडारण और फिल्टर टैंकों का भी निर्माण किया जाएगा। जल शक्ति विभाग ने इसके टेंडर करवाकर काम भी शुरू करवा दिया है।
इन पंचायतों में अकसर पानी की किल्लत रहती है। इसकी वजह से लोगों को गर्मियों में काफी परेशानी भी उठानी पड़ती है। लोगों की समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग ने उपरोक्त योजना का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा था। इसे सरकार ने स्वीकृत करते हुए कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए हैं। पेयजल योजना का कार्य शुरू होने पर लोगों ने खुशी जाहिर की है। साथ ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, जल शक्ति मंत्री महेंद्र ठाकुर और जिला मार्केट कमेटी अध्यक्ष डीएस ठाकुर का आभार प्रकट किया है।
उठाऊ पेयजल योजना से विकास खंड सलूणी की ग्राम पंचायत बरंगाल, भलेई, वांगल, सिमनी और कंगेड़ के लोगों का लाभ मिलेगा। पेयजल योजना का कार्य शुरू होने से लोगों में खुशी की लहर है। लोगों को गर्मियों के मौसम में गाड़ियों में भरकर पानी नहीं ढोना पड़ेगा।
भंडारण के लिए टैंकों का होगा निर्माण
उठाऊ पेयजल योजना के तहत चार लाख 72 हजार लीटर क्षमता वाले दो पेयजल भंडारण टैंक बनाए जाएंगे। इसके अलावा तीन लाख 45 हजार लीटर क्षमता वाला एक, चार लाख 71 हजार लीटर क्षमता वाला एक और चार लाख 75 हजार लीटर की क्षमता वाला एक पेयजल भंडारण टैंक बनाए जाएंगे। वहीं, एक लाख 45 हजार लीटर की क्षमता वाला पेयजल भंडारण टैंक घटगला गांव में बनाया जाएगा। इसके साथ-साथ 55 छोटे भंडारण टैंक बनाए जाएंगे।
पंचायत समिति अध्यक्ष कंगना सेठी, उपाध्यक्ष विनोद कुमार, कंगेड़ पंचायत प्रधान विजय कुमार ठाकुर, सिमनी प्रधान मनोहर लाल और ओहरा प्रधान हंसराज ने बताया कि उपरोक्त पेयजल योजना से हजारों लोगों की प्यास बुझेगी। उन्होंने विभाग से तय समय अवधि में इसका कार्य पूर्ण करने की मांग की है।
युद्ध स्तर पर चल रहा निर्माण
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता हेमंत पुरी ने बताया कि उपरोक्त पेयजल योजना का कार्य युद्ध स्तर पर चलाया गया है। एक वर्ष के भीतर इसका कार्य पूर्ण करने के लिए ठेकेदार को आदेश दिए गए हैं।