सलूणी स्कूल में प्रवक्ता नहीं, कौन देगा विज्ञान का ज्ञान
प्रवक्ताओं के पद तीन साल से खाली, पढ़ाई प्रभावित
बच्चे दस किमी का सफर तय कर पहुंच रहे स्कूल
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सलूणी में तीन साल से बायो, केमिस्ट्री, टीजीटी मेडिकल सहित आईटी लेक्चरर के पद खाली हैं। इससे सलूणी क्षेत्र के विद्यार्थियों को विज्ञान संकाय पढ़ने में दिक्कत हो रही है। उन्हें अपने स्तर पर ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। एसएमसी पदाधिकारियों और अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में लंबे समय से रिक्त चल रहे प्रवक्ताओं के पदों को भरने के लिए कई बार आवाज उठाई लेकिन अभी तक पदों को नहीं भरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग से रिक्त पदों को जल्द भरने की मांग की है। साथ ही चेताया है कि शीघ्र पदों को न भरने पर मजबूरन वे अपने बच्चों को स्कूल से निकाल कर दूसरी जगह पर दाखिला दिलवाने के लिए विवश हो जाएंगे।
पीटीए अध्यक्ष देसराज सहित एसएमसी पदाधिकारियों मुकेश कुमार, रमेश कुमार, अमर सिंह, इंदू देवी, बिंदू देवी आदि ने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सलूणी में शिक्षा हासिल करने के लिए खरल, खरोटी, सलूणी और दिघाई पंचायतों के गांवों से विद्यार्थी पांच से दस किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचते हैं। ऐसे में यदि महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता ही नहीं होंगे तो पढ़ाई कैसे होगी। कहा कि एक तरफ तो शिक्षा विभाग बच्चों को घर-द्वार बेहतरीन शिक्षा देने के लिए बड़े-बड़े दावे करती है। वहीं, दूसरी ओर स्कूलों में अध्यापकों और प्रवक्ताओं के खाली पदों को भरने की ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रधानाचार्य प्रवीण कुमार धीमान ने बताया कि रिक्त पदों को भरने को लेकर शिक्षा उपनिदेशक के माध्यम से प्रदेश सरकार को अवगत करवाया है। उच्च शिक्षा उपनिदेशक भाग सिंह ने बताया कि प्रवक्ताओं के खाली पदों के बारे में सरकार को अवगत करवा दिया है।